बिना केबल के खड़े विद्युत पोल।
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डेरापुर। बिजली विभाग राष्ट्रपति के पैतृक गांव परौंख में विद्युतीकरण के नाम पर 5 माह में सिर्फ खंभे ही लगा पाया है। तार लगने का इंतजार है। वहीं खंभों में एलईडी लगाने का काम भी धीमा है। यह हाल जब देश के राष्ट्रपति के पैतृक गांव का है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि दूसरे गांवों में विद्युतीकरण का क्या हाल होगा।
रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने के बाद उनके पैतृक गांव परौंख में बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए विभाग ने कवायद शुरू की थी। इसमें नए खंभे, एलईडी लगाने, लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए 10-10 किलोवाट के ट्रांसफार्मर रखे जाने के अलावा अन्य कार्यों को मंजूरी दी गई थी। परौंख के मजरे पंडितपुरवा, सिन्नीपुरवा, धौकलपुरवा, सेवारामपुर, जसवंतपुरवा में बिजली है, लेकिन कहीं लो वोल्टेज तो कहीं सिर्फ खंभे, यह स्थितियां हैं। जबकि परौंख में भी चार मोहल्लों के 20-25 परिवारों में बिजली नहीं है। जिसके लिए पांच माह पूर्व कार्य शुरू किया गया, लेकिन अब तक विद्युत विभाग सिर्फ खंभे ही गाड़ सका। जबकि परौंख के मजरे नारायणपुरवा के बाशिंदे अभी भी बिजली की रोशनी से दूर हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर तार डाले जा रहे हैं। वहीं खंभों में एलईडी लगाने का काम भी धीमा है। अभी तक सिर्फ 30 खंभों में एलईडी लग पाई है। वहीं लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए 10 ट्रांसफार्मर रखे जाने थे। अभी तक विभाग 10 किलोवाट के सिर्फ 2 ट्रांसफार्मर लगवा सका है। परौंख गांव के भोला सिंह, भानुप्रताप सिंह, राहुल सिंह, गोविंद सिंह भदौरिया ने बताया कि कुछ मोहल्लों में अभी बिजली के खंभे लगाए जाने हैं। गांव के मजरा नारायणपुरवा में तो बिजली ही नहीं है। बिजली विभाग का काम काफी सुस्त चल रहा है।
परौंख गांव के लिए अलग फीडर
डेरापुर। परौंख गांव को निरंतर बिजली मुहैय्या कराने के लिए विभाग ने डेरापुर बिजली घर में परौंख फीडर अलग बनाया है। इसी फीडर से गांव तक करीब 8 किलोमीटर नई लाइन बनाने का काम चल रहा है। कार्यदायी संस्था मार्शल इंटरप्राइजेज नई लाइन डालने के लिए डेरापुर से परौंख तक खंभे लगवा रही है। तार बिछाने का काम चल रहा है। कार्यदायी संस्था के कर्मी दीपेंद्र ने बताया कि सप्ताह भीतर लाइन का कार्य पूरा हो जाएगा।
परौंख गांव व उसके मजरों में बिजली के खंभे लगाए जा चुके हैं। केबिल डाली जानी है। केबिल उपलब्ध न होने से काम प्रभावित हो रहा है। विद्युतीकरण के कार्य को शीघ्र पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
-जेई, रजनीश कुमार