गंगा कटरी गांव गदनपुर आहार के एक पुरानी हवेली में चल रही अवैध शराब फैक्ट्री का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। इस दौरान में 6 कार्टून शराब, 200 ग्राम की भरी सील पैक देसी शराबनुमा बिक्री को तैयार बोतलें, 50 लीटर के आठ स्प्रिट रसायन भरे कैन, शराब की खाली 9,500 बोतलें, 10 हजार शीशियों की ढक्कन, शराब पैकेजिंग मशीन, एक लाइसेंसी बंदूूक, एक कट्टा, पांच कारतूस, पांच मोबाइल, एक क्वालिस कार, एक बाइक, लाखों रुपये के खरीद-बिक्री के दस्तावेज, एक अल्कोहल मापक यंत्र आदि की बरामद किए गए। पुलिस ने हवेली के केयरटेेेकर और अन्य तीन लोगों को मौके से गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी भाग निकला।
पुलिस ने फै क्ट्री सेकरीब दो हजार लीटर अवैध देसी शराब, कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, उन्नाव और हरदोई जिलों में कई नामों से बिकने वाली सरकारी ब्रॉड शराब के रेपर बरामद कीं।
बिल्हौर पुलिस क्षेत्राधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गुरुवार की सुबह इंसपेक्टर रमेश चंद्र पांडे, एसआई मणिशंकर मिश्र, अनिल पांडे सहित कांस्टेबल अशोक, रमाकांत, हाशिम, उस्मानी, मुकेश आदि की टीम ने दोपहर को गंगा कटरी गांव गदनपुर आहार स्थित लालाजी की पुरानी गढ़ी (हवेली) में छापेमारी की। दबिश पर हवेली में अफरा-तफरी मच गई, कई लोग इधर-उधर भागने लगे। पुलिस ने फैक्ट्री पर हवेली के केयरटेकर बाबूलाल यादव, उसका पुत्र पवन कुमार यादव सहित सोनेलाल पुत्र शिवप्रसाद, धीरज पुत्र राजेंद्र नाथ निवासीगण फतेहपुर चौरासी, उन्नाव को शराब को तैयार करते रंगे हाथों पकड़ा। जबकि, बिलग्राम हरदोई निवासी छोटे लाल पुलिस को चकमा देकर भाग गया।
बिल्हौर के गदनपुर आहार स्थित लाला जी की हवेली के केयर टेकर बाबूलाल और उसका पुत्र पवन हरे रंग की सपा लगे झंडे वाली क्वालिस कार से बिल्हौर के साथ कन्नौज, हरदोई, कानपुर देहात और उन्नाव के सीमावर्ती गांवों के शराब ठेकों पर सप्लाई करते थे। हू-ब-हू देसी शराब की तरह दिखने वाली अवैध शराब पुलिस की जांच के दौरान भी नकली आबकारी विभाग के दस्तावेज दिखाकर उक्त लोग धंधा करते थे। लाला जी की हवेली कई एकड़ में फैली होने से स्थानीय ग्रामीणों को भी अवैध शराब फैक्ट्री की जानकारी नहीं हो सकी।
जांच अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में अभी तक महुआ, गुड़ और अन्य प्रकार से देशी व पारंपरिक तरीकों से अवैध शराब बनाने के मामले प्रकाश में आए थे, लेकिन पहली पर स्प्रिट, सीटू एच फाइव ओएच जैसे घातक रसायनों से बनने वाली अवैध शराब का इतना बड़ा जखीरा पहली बार पकड़ा गया है। उक्त गैंग के लोग क्षेत्र के कई सरकारी ठेका संचालकों के संपर्क में रहे हैं। पुलिस को बाबूलाल के पास से मिले दस्तावेजों में कई शराब कारोबारियों के नाम मिले हैं जो देसी शराब की दुकान से कम दामों में खरीदी गई नकली शराब बेचते थे।