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झोलाछाप के इलाज से युवक की मौत, हंगामा

Fri, 14 Jul 2017 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
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मंगलपुर थाना क्षेत्र के खनतलईया मजरा के इकरमपुर गांव में दो झोलाछाप के इलाज में एक युवक की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों के गांव वालों संग हंगामा करने पर झोलाछाप क्लीनिक छोड़कर भाग निकले। बवाल की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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इकरामपुर निवासी रामनाथ के छह बेटे बेटियों में पंकज (23) सबसे बड़ा था। वह पिता के साथ ही मजदूरी करता था। बुधवार को अचानक उल्टी-दस्त आने पर परिवार वालों ने उसे गांव के झोलाछाप उदयवीर को दिखाया। झोलाछाप ने इंजेक्शन लगा दिया व दवा देकर उसे घर भेज दिया। घर पहुंचने के कुछ देर बाद ही पंकज के पेट में दर्द और उलझन शुरू हो गई। परिवार वाले उसे गांव के ही दूसरे झोलाछाप सूचित के पास ले गए। उसने भी इंजेक्शन व दवा दी। लेकिन उसकी हालत सुधरने के बजाय और बिगड़ गई। इस पर परिजन आनन-फानन उसे जिला अस्पताल लेकर दौड़े लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए परिजन पंकज का शव लेकर झोलाछाप के क्लीनिक पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों व परिवार वालों का आक्रोश देख दोनों झोलाछाप गांव छोड़कर भाग निकले। इसी बीच गांव में बवाल की जानकारी पाकर थाना पुलिस मौके पर पहुंची व समझा-बुझाकर गांवों को शांत कराया। थाना प्रभारी आर.के सिंह राठौर ने बताया कि पिता की तहरीर पर झोलाछाप उदयवीर व सूचित के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।  

मृतक पंकज की शादी 6 जून 2017 को रसूलाबाद थाना क्षेत्र के कन्हैयापुरवा मलखानपुर गांव की शोभा से हुआ था। दोनों ने अभी जिंदगी का ताना बाना बुनना शुरू ही किया था कि एक झटके में हंसती खेलती जिंदगी बिखर गई। पति की मौत से बेसुध सुधा का रो-रोकर बुरा हाल था।  
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पंकज छह भाई बहनों में सबसे बड़ा था। उससे छोटे भोले (21), रामजी (19), कन्हैया (17), गणेश (13) व बहन रूबी (4) है। पंकज की मौत से पूरा परिवार अवाक है। मां अनारकली बहू को ढांढस बंधाने की कोशिश करती लेकिन बेटे के गम में खुद को भी नहीं रोक पाती। रह रहकर उसके आंसू भी छलक उठते। पिता रामनाथ ने बताया कि उनके पास एक भी विस्वा जमीन नहीं है। पिता-पुत्र मजदूरी कर घर का खर्च चलाते थे।
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