बिल्हौर विकास खंड क्षेत्र के महदेवा धौरारा गांव में बुधवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने मनरेगा की दिहाड़ी और राशन कार्ड में गड़बड़ी को लेकर प्रधान और राशन कोटेदार के खिलाफ जमकर नारेबारी की।
क्षेत्र में महदेवा गांव में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मनरेगा योजना के अंतर्गत काम काज कर अपनी गुजर बसर करते हैं। ग्रामीण मैकू, फकीरेलाल, इतवारी लाल, दुलारे, नेकचंद्र सहित दर्जनों की संख्या में ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण बिना काम करने वाले लोगों को दिहाड़ी अंदर ही अंदर दी जा रही है, जबकि उनको काम करने के बाद भी अभी तक मेहनताना नहीं मिला है।
मनरेगा में काम करने वाले श्रमिक किसी से शिकायत न कर सके इसलिए पंचायत मित्र शोभा और रोजगार सेवक ने उनके कार्ड जमा कर रखे हैं। पूर्व प्रधान शिवदेवी, ग्राम विकास अधिकारी महेंद्र गौतम सहित अन्य कई लोगों ने मिली भगतकर गांव में बिना काम कराए ही मनरेगा योजना का लाखों रुपये निकाल कर दर्जनों ग्रामीणों और ग्राम सभा के साथ खुला धोखा किया है।
महदेवा ग्राम पंचायत भवन में नारेबाजी करते हुए दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा और मुख्य विकास अधिकारी शंभू कुमार से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों पर कार्यवाई की मांग करते हुए मजदूरी दिलाने की मांग की है।
इसी तरह गांव की ही जगरानी, आशा देवी, रूप रानी, कौशल्या आदि महिलाओं ने बताया कि कोटेदार सुमन भी मनमाने ढंग से काम करती हैं। नए कंप्यूटराइज राशन कार्डों में गड़बड़ी होने की शिकायत करने पर कोटेदार उन्हें उल्टा फटकार का घर जाने को कह देते हैं साथ ही राशन और तेल में घटतौली करती हैं। ग्राम प्रधान की मिली भगत होने के कारण आज तक कोटेदार के विरुद्ध पूर्ति विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
बिल्हौर विकास खंड क्षेत्र के महदेवा धौरारा गांव में बुधवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने मनरेगा की दिहाड़ी और राशन कार्ड में गड़बड़ी को लेकर प्रधान और राशन कोटेदार के खिलाफ जमकर नारेबारी की।
क्षेत्र में महदेवा गांव में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मनरेगा योजना के अंतर्गत काम काज कर अपनी गुजर बसर करते हैं। ग्रामीण मैकू, फकीरेलाल, इतवारी लाल, दुलारे, नेकचंद्र सहित दर्जनों की संख्या में ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण बिना काम करने वाले लोगों को दिहाड़ी अंदर ही अंदर दी जा रही है, जबकि उनको काम करने के बाद भी अभी तक मेहनताना नहीं मिला है। मनरेगा में काम करने वाले श्रमिक किसी से शिकायत न कर सके इसलिए पंचायत मित्र शोभा और रोजगार सेवक ने उनके कार्ड जमा कर रखे हैं। पूर्व प्रधान शिवदेवी, ग्राम विकास अधिकारी महेंद्र गौतम सहित अन्य कई लोगों ने मिली भगतकर गांव में बिना काम कराए ही मनरेगा योजना का लाखों रुपये निकाल कर दर्जनों ग्रामीणों और ग्राम सभा के साथ खुला धोखा किया है। महदेवा ग्राम पंचायत भवन में नारेबाजी करते हुए दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा और मुख्य विकास अधिकारी शंभू कुमार से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों पर कार्यवाई की मांग करते हुए मजदूरी दिलाने की मांग की है।
इसी तरह गांव की ही जगरानी, आशा देवी, रूप रानी, कौशल्या आदि महिलाओं ने बताया कि कोटेदार सुमन भी मनमाने ढंग से काम करती हैं। नए कंप्यूटराइज राशन कार्डों में गड़बड़ी होने की शिकायत करने पर कोटेदार उन्हें उल्टा फटकार का घर जाने को कह देते हैं साथ ही राशन और तेल में घटतौली करती हैं। ग्राम प्रधान की मिली भगत होने के कारण आज तक कोटेदार के विरुद्ध पूर्ति विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
जिम्मेदार बोले
मैं अभी नव निर्वाचित ग्राम प्रधान हूं, गांव में मनरेगा योजना के तहत जितने भी ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं उनको नियमानुसार ही काम दिए जाने की सूचना है, एक रोजगार कार्ड पर परिवार के अन्य सदस्य भी काम कर सकते हैं। अधिकारी जांच कर लें सही बात सामने आ जाएगी। वहीं, राशन कार्ड संबंधी दिक्कत को दूर कराने के लिए वह स्वयं ही ग्रामीणों की मदद कर रहे हैं। - संजय कुमार कटियार, ग्राम प्रधान महदेवा