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यमुना उफान पर, बाढ़ का पानी गांवों में घुसा

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flud in ghatampur - फोटो : GHATAMPUR
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घाटमपुर (कानपुर)। तहसील क्षेत्र में यमुना नदी लगातार उफान पर है। तटवर्ती कई गांवों में बाढ़ आई हुई है। गड़ाथा, कटरी, मऊनखत, महुवापुरवा और मोंहटा गांवों में नदी का पानी गांव के अंदर गलियों और लोगों के घरों के बाहर जमा हो रहा है। सैकड़ों बीघे खरीफ की फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो गईं हैं। मंगलवार की दोपहर बाद सीडीओ और एडीएम ने गड़ाथा और कटरी गांवों का दौरा करके वहां के हालत का जायजा लिया।
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गांववालों ने बताया कि बीते चार दिनों से यमुना नदी लगातार बाढ़ पर है। गड़ाथा गांव के निवासियों राजू दुबे, उमेश सिंह, देवसिंह, राजबहादुर निषाद, जुग्गीलाल सविता और त्रिभुवन दुबे ने बताया कि सोमवार की रात से लेकर मंगलवार की शाम 7 बजे तक यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से पूरा गांव बाढ़ के पानी से घिर गया है। अमिरतेपुर गांव की ओर के रास्ते से किसी तरह लोग घरों से खेतों की ओर आ-जा रहे हैं। बताया कि मार्ग के ऊपर दो-ढाई फीट पानी बह रहा है। बताया कि बाढ़ की वजह से गांव के लोगों ने मवेशियों को खुला छोड़ दिया है।
इधर, कटरी, महुवापुरवा, मऊनखत और मोंहटा गांवों का भी यही हाल है। मऊनखत-टिकवांपुर मार्ग पर नाव से लोग इस पार से उस पार जा रहे हैं। तहसील प्रशासन ने बाढ़ की आशंका के चलते संबधित गांवों में स्थापित की गई बाढ़ चौकियों में तैनात कर्मचारियों से प्रत्येक तीन घंटे में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, गहराई वाले मोहल्लों में बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। गड़ाथा और कटरी गांवों में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे सीडीओ अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि गड़ाथा गांव में एतिहात के तौर पर 10-15 परिवारों को गांव के परिषदीय स्कूल में ठहराया गया है। सीडीओ के साथ एडीएम राजस्व वीरेंद्र पांडेय और तहसील का प्रशासनिक अमला भी साथ था। बताया कि, गड़ाथा को छोड़कर अन्य गांवों में अभी स्थिति सामान्य है लेकिन, निगरानी कराई जा रही है। तहसीलदार विजय यादव ने बताया कि अभी बाढ़ का पानी कुछ और बढ़ने की आशंका है।
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