ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद शनिवार को स्कूल खुल रहे हैं। परिषदीय स्कूलों में साफ-सफाई नहीं होने से गंदगी का अंबार लगा है। वहीं, शिक्षकों ने भी स्कूल जाकर साफ-सफाई आदि व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने की जरूरत नहीं समझी। ऐसे में स्कूलों में पहला दिन सफाई में बीत जाएगा।
गर्मी के अवकाश के बाद खुल रहे परिषदीय स्कूलों के भवनों में कहीं भूसा भरा है तो कोई अन्य सामान रख कर कब्जा जमाए है। सरवनखेड़ा ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय नाही ज्यूनियां में कुछ ग्रामीणों ने भूसा भर रखा है। बरामदे में भूसे से भरी झाल व अन्य सामान जमा कर दिया गया है। स्कूल भवनों में गंदगी का अंबार लगा है। यहीं हाल प्राथमिक विद्यालय भवन का है। जिले के हर ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों की लगभग यही स्थिति है। कहीं कंडा तो कहीं लोग मवेशी बांध रहे हैं। कुछ स्कूलों के परिसर में निर्माण सामग्री फैली पड़ी है। अवकाश के बाद पहला दिन बच्चों को सफाई करते हुए बीत जाएगा। स्कूल परिसर में गंदगी पड़ी होने से बच्चों को परेशानी उठानी पड़ेगी। यहां के ग्रामीणों की माने तो शिक्षक बच्चों से ही सफाई कराते हैं।
जिम्मेदार बोले
सभी स्कूलों के शिक्षकों को साफ सफाई कराने के निर्देश दिए गए थे। यदि कहीं शिक्षक ने लापरवाही की है तो निरीक्षण के दौरान गंदगी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। शनिवार से सभी बीईओ अपने क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट भेजेंगे। इसके निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
शाहीन, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी