दो किसानों की मेहनत की कमाई आग लगने से स्वाहा हो गई। हालांकि, किसानों की सतर्कता से आग को और फैलने से रोक लिया गया। तीन बीघा कटे पड़े गेहूं के गट्ठर जल गए। तहसील कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन किया है।
शिवली-कल्यानपुर रोड किनारे रामजानकी डिग्री कालेज के पीछे सोमवार की सुबह करीब दस बजे एकाएक खेतों में पड़े गट्ठरों में आग जलने लगी। आसपास खेतों में कटाई कर रहे किसानों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। जिससे असई, बैरी बस्ता, सुजानपुर, बैरी दरियाव, बैरी सवाई के लोगों ने मौके पर पहुंचकर पानी की बाल्टियों से आग बुझाना शुरू किया। जबकि, कुछ किसानों ने पेड़ों के डालियों व पत्तों से आग को काबू करने में प्रयास किया।
काफी हद तक ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया। तब कहीं जाकर शिवली कोतवाली में तैनात फायर दस्ते को खबर मिली। आनन फानन में पहुंचे फायर दस्ते ने रही सही आग पर भी काबू पा लिया। तब तक बैरी दरियाव के रामजी स्वर्णकार के ढाई बीघा व दीपू की दस बिस्वा खेत के गट्ठर जलकर राख में तब्दील हो गए। इंचार्ज तहसीलदार हेमंत चौधरी ने कहा कि सूचना पर कर्मचारियों को क्षति आकलन के लिए मौके पर भेजा गया है।