बेटियां पैदा होने के ताने और प्रताड़ना का शिकार बनाकर जान देने के लिए मजबूर की गई अन्नपूर्णा के मामले में पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पड़ोसियों ने बताया कि अन्नपूर्णा की सास उसका पक्ष लेती थी लेकिन पति विपिन उसके साथ जानवरों-सा बर्ताव करता था।
अन्नपूर्णा की बड़ी बेटी सिद्धि (4) ने अपने पिता की रोंगटे खड़े करने वाली करतूत बताई। कहा कि पापा गंदे हैं हम गांव (भीतरगांव) नहीं जाएंगे। बताया कि पापा, मम्मी को जूते और डंडे से पीटते थे। मेरे और ऋद्धि के कपड़ों को एक गठरी में बांधकर तालाब में फेंक दिया और हमको धकेलकर घर से बाहर निकाल दिया। बता दें कि भीतरगांव निवासी विपिन दुबे की पत्नी अन्नपूर्णा की लगातार दो बेटियां सिद्धी (4) और ऋद्धि (1) हुईं तो ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया था।
वह कुष्मांडा देवी मंदिर में दोनों बच्चियों संग रह रही थी और फिर शनिवार को ट्रेन से कटकर अन्नपूर्णा ने जान दे दी थी। इस मामले में ससुराल वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है लेकिन सभी फरार हैं। सोमवार देर शाम अन्नपूर्णा के भाई श्रीकृष्ण ने मासूम बेटी सिद्धि से मोबाइल फोन पर बात कराई तो तोतली जुबान से उसने बताया कि मम्मी दोनों बहनों को सीने से चिपकाए मंदिर में आई। वहीं पर उसने उनको खाना खिलाया, फिर एक दिन छोड़कर चली गई।
उधर, पड़ोसियों ने बताया कि अन्नपूर्णा की सास उसका पक्ष लेती थी लेकिन पति विपिन उसके साथ जानवरों-सा बर्ताव करता था। विपिन शराब का लती है। वह रात में दारू के नशे में आता और पत्नी को प्रताड़ित करता था। कई बार उसे कड़ाके की ठंड में घर से बाहर निकालकर दरवाजा बंद कर लेता था।
छोटी बेटी को भी ननिहाल वाले ले गए घाटमपुर। अन्नपूर्णा की बेटी सिद्धि को कसबे के ही रामेश्वर स्वर्णकार अपने घर ले आए थे। रामेश्वर और उनके पत्नी ने बच्ची को चौथी बेटी के रूप में लालन-पालन करने की ठानी थी। अन्नपूर्णा के मायके वाले भी राजी हो गए थे लेकिन सोमवार को अन्नपूर्णा के भाई श्रीकृष्ण ने इस पर एतराज किया।
श्रीकृष्ण गुजरात में नौकरी करता है। उसने बताया कि वह बहन की दोनों बेटियों का खुद पालन-पोषण करेगा। कोई सामाजिक संगठन नहीं पहुंचा घाटमपुर। अन्नपूर्णा की मौत के बाद अनाथ हुई दोनों बेटियों सिद्धि (4) और ऋद्धि (1) अपने ननिहाल (मुइया) गांव में हैं। उनका हालचाल लेने के लिए कोई सामाजिक संगठन अभी आगे नहीं आया है। सोमवार शाम एक-दो जगह से फोन जरूर आए जो बेटियों के बारे में पूछ रहे थे।