रसूलाबाद थाना क्षेत्र के गांव उसरी में बदमाशों ने एक घर में घुसकर दंपति से दो लाख 70 हजार रुपये नकद व जेवरात लूट लिए। वहीं, थानाध्यक्ष ने जांच पड़ताल के बाद प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध बताया। अब तक मामले की रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई है।
उसरी गांव निवासी बटेश्वर दयाल दिवाकर ने पुलिस को बताया कि वह मुंबई में कपड़ों पर प्रेस करता है। उसरी गांव में उसका भांजा अश्वनी पुत्र साहबलाल निवासी दिलावा थाना औरैया निवासी है। सोमवार की रात वह मुंबई से अपनी पत्नी सुशीला संग लौटा था। रात लगभग एक बजे किसी ने दरवाजा खटखटाया। इस पर उसकी पत्नी ने दरवाजा खोल दिया।
इसके बाद मुंह पर कपड़ा बांधे आधा दर्जन बदमाश घर में घुस आए। उनकी पत्नी के ऊपर एक कपड़ा डाल दिया, जिससे वह बेहोश हो गईं। इसके बदमाशों ने उनके ऊपर तमंचा तानकर चुपचाप रहने और चिल्लाने पर जान से मार डालने की धमकी दी।
इसके बाद बदमाशों ने उसकी अटैची खोलकर दो लाख 70 हजार रुपये, मंगलसूत्र, चार सोने की चूड़ियां व झुमकी उठा लीं और भाग गए। सुबह होने पर उसने घटना की सूचना पड़ोसियों व पुलिस को दी। छानबीन के बाद थानाध्यक्ष पीके सिंह ने बताया कि बटेश्वर ने लूट के दौरान अपने पुत्र के चचिया ससुर रामू निवासी सरसी
थाना रूरा के बदमाशों के साथ होने व उन्हें पहचानने की जानकारी दी। इसके बाद छानबीन की गई तो पता चला कि बटेश्वर के पुत्र का अपनी ससुरालवालों के साथ दहेज का का मुकदमा चलता है। बीते दिनों समझौता हो गया था, लेकिन बाद में गुजारा भत्ता के लिए फिर केस कर दिया गया। लूट का मामला संदिग्ध है। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर भी नहीं दी है।
उधर, ग्रामीण भी लूट की घटना को संदिग्ध बता रहे हैं। पड़ोसियों का कहना है कि यदि बदमाश आए थे तो उनके जाने के बाद रात में ही हल्ला मचाकर उन्हें पकड़वाने का प्रयास क्यों नहीं किया गया।