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निजी स्कूलों की मान्यता में न करें भेदभाव

Thu, 09 Nov 2017 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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कमेटी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शिवराजपुर क्षेत्र में निजी शिक्षण संस्थान चलाने वाले कई स्कूल प्रबंधकों सरकार के परिषदीय स्कूलों और निजी स्कूलों में मानक के दोहरे मापदंड का विरोध करते हुए प्रबंधकों ने संशोधन की मांग की। इसके साथ ही प्रबंधकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी भेजा। बुधवार को शिवराजपुर के भारतीय शिशु शिक्षा सदन विद्यालय में निजी स्कूलों के प्रबंधकों की विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्रीय स्कूलों के प्रबंधकों ने सरकार द्वारा परिषदीय स्कूलों में दो कमरे और एक शिक्षक कक्ष पर ही कक्षा पांच तक की मान्यता दे जाती हैं, लेकिन निजी तौर पर कक्षा पांच तक का विद्यालय खोलने के लिए नियम दूसरे हैं, इसी तरह परिषदीय प्राइमरी स्कूल सिर्फ शिक्षामित्रों के सहारे संचालित हो रहे है, जबकि निजी स्कूल संचालकों से न्यूनतम 5 बीएड-बीटीसी और योग्य शिक्षकों के रखने पर ही मान्यता दी जाती है।
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प्रबंधकों के कानपुर मंडल अध्यक्ष दिनेश पाठक ने निजी शिक्षण संस्थानों से विद्युत विभाग द्वारा व्यवसायिक बिल लेने को भी गलत बताया, प्रबंधकों ने सरकार से मांग की है कि तत्काल नया शासनादेश लाकर निजी शिक्षक स्थानों को निशुल्क बिजली की व्यवस्था की जाए। बैठक की अध्यक्षता केदारनाथ गुप्ता ने की और संचालन शिवाकांत मिश्रा ने किया। इस मौके संजय बाजपेई, अजय त्रिवेदी, रामचंद्र वर्मा, अमरकांत क्षेत्रीय निजी स्कूलों के प्रबंधक मौजूद रहे।
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