जहानाबाद रेलवे क्रासिंग के पास बुधवार सुबह 12 साल का एक छात्र आत्महत्या के इरादे से ट्रैक पर लेट गया। पल भर में उसके ऊपर से धड़धड़ाती हुई मालगाड़ी निकल गई। यह दृश्य देखकर लोगों की सांसें थम गईं। लेकिन इसके बाद लोग चकित हो गए क्योंकि छात्र सही-सलामत था। दरअसल, वह ट्रैक के बीचो-बीच लेटा था इसलिए पहियों की चपेट में नहीं आया और जान बच गई। छात्र ने बताया कि उसकी मां की मौत हो चुकी है और वह मां के बिना जीना नहीं चाहता। इसलिए आत्महत्या करने गया था।
सुबह 10 बजे घाटमपुर कस्बे के जहानाबाद रोड रेलवे क्रासिंग का फाटक बंद था और ट्रैक पर मालगाड़ी आ रही थी। तभी स्कूल की यूनिफार्म में धीरज सचान (12) पुत्र अनिल सचान निवासी ग्राम पासीखेड़ा (घाटमपुर) साइकिल से आया और साइकिल खड़ी कर रेलवे ट्रैक (कानपुर-बांदा) पर जाकर लेट गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, इसी बीच मालगाड़ी आ गई। मालगाड़ी गुजरते वक्त धीमी हो गई। पूरी 58 बोगी की मालगाड़ी छात्र के ऊपर से निकल गई। वहां पर मौजूद लोगों ने बताया कि पूरी ट्रेन गुजरने में करीब 8 मिनट का समय लग गया। लोग सांस रोके देखते रहे। मालगाड़ी निकलने के बाद लोग ट्रैक पर पहुंचे तो देखा कि धीरज सही सलामत था। फिर नाम-पता पूछकर परिजनों को सूचना दी गई। उसने बताया कि वह किसान बालिका इंटर कालेज में कक्षा-8 का छात्र है। उसके पास स्कूल का कार्ड और कापी-पेन भी मिले। बाद में परिजन आकर उसको ले गए।
22 अक्तूबर को हुई थी मां की मौत
धीरज के परिजनों और शिक्षकों ने बताया कि धीरज की मां की 22 अक्तूबर को बीमारी से मौत हो गई थी। मां की मौत के बाद से धीरज सदमे में रहता है। दो भाइयों में वह छोटा है। वह मां से बहुत प्यार करता था। पिता अनिल सचान ने बताया कि चार-पांच दिन पहले भी फांसी लगा जान देने की कोशिश की थी।