बनार अलीपुर मजरा शहजादपुर में विवाद के बारे में जानकारी लेते एसडीएम सदर जयनाथ यादव व सीओ पवित्र मोहन।
- फोटो : अमर उजाला
अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव बनारअलीपुर मजरा शहजादपुर में मन्नत संबंधी झंडा ले जाने के दौरान डीजे बजाए जाने पर तनाव उत्पन्न हो गया। दोनों वर्गों के सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। एसडीएम अकबरपुर जयनाथ यादव, सीओ पवित्र मोहन त्रिपाठी आदि ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर सुलह वार्ता कराई।
बता दें कि पिछले सात सालों से एक ग्रामीण कुछ लोगों के साथ मन्नत के तहत झंडा लेकर निकलता है। मंगलवार की रात झंडा लेकर चलने के दौरान डीजे बजवाया गया। इसी बात का दूसरे वर्ग के लोगों ने विरोध किया।
बुधवार की दोपहर दोबारा दोनों ओर से समर्थक इकट्ठा हो गए। जिससे तनाव की स्थिति गांव में पैदा हो गई। प्रशासन ने वहां पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। दोनों पक्षों के सभ्रांत लोगों को बैठाकर आपस में समझौता कराया गया। इस पर झंडा लेकर जाने के दौरान डीजे न बजाने पर सहमति बनी।
कोतवाल फरमूद अली पुंडीर ने बताया कि ग्रामीणों से कोई भी नई परंपरा न डालने को कहा गया है। दोनों पक्षों में वार्ता के बाद लिखित समझौता हो गया है। शांतिपूर्वक माहौल में ताजिए करबला में दफनाए गए।
दिन भर अलर्ट रहा खूफियातंत्र व पुलिस महकमा- कानपुर देहात। मोहर्रम पर सुबह से ही जिला व पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। जुलूस निकलने वाले मार्गों पर जगह-जगह सादी वर्दी में भी पुलिस तैनात रही।
खूफिया तंत्र के दरोगा व अफसर भी घूम-घूमकर जानकारियां जुटाते रहे। पुलिस व पीएसी के साथ पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि, एएसपी मनोज सोनकर, एसडीएम जयनाथ यादव, सीओ पवित्र मोहन त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारियों ने शहरी व कसबा क्षेत्रों का भ्रमण करके सुरक्षा व्यवस्था जांची।