रामनाथ कोविंद ने भारत के 14वें राष्ट्रपति के रूप में जैसे ही शपथ ली, वैसे ही उनके पैतृक गांव परौंख और झींझक में जश्न शुरू हो गया। लोग डीजे की धुन पर जमकर थिरके और आतिशबाजी की।
गांव के लल्ला को शपथ लेता देखने के लिए ग्रामीण टीवी के सामने जमे रहे। इस दौरान अपने मित्र को देश के एक सर्वोच्च पद पर देख कुछ बुजुर्गों की आंखें खुशी से छलक उठीं।
परौंख जैसे एक छोटे से गांव के लोगों के लिए यह किसी आश्चर्य से कम नहीं था कि उनके गांव में साधारण परिवार में जन्मे रामनाथ कोविंद देश के प्रथम नागरिक बन गए। वहीं, मंगलवार को राष्ट्रपति भवन मेें हुए शपथ ग्रहण कार्यक्रम को देखने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह रहा। शपथ लेने के बाद कोविंद ने जैसे ही अपना पहला संबोधन किया तो ग्रामीण उन्हें एक टक देखते रहे। मिट्टी के घर का जिक्र कर सबको यह एहसास करवा दिया कि वह अपने गांव को नहीं भूले। इस दौरान उनके बचपन के मित्र मो. इब्राहिम भावुक हो गए।
वहीं, शपथ के बाद युवाओं ने डीजे पर थिरक कर खुशी का इजहार किया और एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। वहीं, झींझक स्थित उनके भाई प्यारेलाल के आवास पर जश्न जैसा माहौल था। क्षेत्रीय लोगों के पहुंचने पर प्यारेलाल की पत्नी गंगाजली ने गर्मागरम जलेबी से लोगों का मुंह मीठा कराया। गंगाजली ने भी बैंड बाजे पर नृत्य कर देवर के राष्ट्रपति बनने की खुशी जाहिर की।
अपने-अपने अंदाज में मनाई खुशी
डेरापुर तहसील के गांव परौंख में मंगलवार को माहौल किसी त्योहार से कम नहीं था। हर ओर खुशी का माहौल था। हर कोई अपने अंदाज में खुशियां मना रहा था। महिलाएं गांव के बाहर मंदिर में देवी गीत व भजन गाकर ईश्वर को धन्यवाद दे रही थी तो युवा डीजे पर फिल्मी धुनों पर थिरक रहे थे। युवाओं ने कहा कि उनके गांव का नाम इतिहास में दर्ज हो गया। वह कहीं भी जाएंगे तो गर्व से यह बता सकते हैं कि राष्ट्रपति उनके गांव के रहने वाले हैं। युवा आदित्य, सर्वेश, नसीर आदि ने बताया कि इस सफलता से गांव का हर व्यक्ति गर्व महसूस कर रहा है।
खूब नाची भतीजी निक्की
चाचा के राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण लेने के बाद गांव में रह रही भतीजी निक्की ने खूब डांस किया। इसके बाद गांव की महिलाएं और युवतियां भी उसके साथ खुशी में शामिल हुई।