देश के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए उनके परिवार के आठ सदस्य रविवार दोपहर दिल्ली रवाना हो गए। पहले झींझक से महानंदा एक्सप्रेस से कानपुर पहुंचे और फिर वहां से श्रमशक्ति व ऊंचाहार एक्सप्रेस से दिल्ली रवाना हुए। क्षेत्रीय लोगों ने बैंड-बाजे संग नाटते-गाते हुए उनको विदा किया। झींझक स्टेशन पर भी
डांस हुआ और लोगों ने उनको फूल माला पहनाईं। कुछ लोगों ने कोविंद जी को अपनी ओर से उपहार भी भिजवाया।
25 जुलाई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने झींझक कस्बे से रामनाथ कोविंद के बड़े भाई प्यारेलाल, भाभी विद्यावती, भतीजे दीपक, पंकज, शिवकुमार, भतीजी हेमलता और कमलेश के साथ ही बड़े भाई के दामाद आलोक, राजकिशोर कमल, मंजूलता, उनका बेटा अनुराग, अनीता, कमलेश, भांजा श्यामबाबू उनकी पत्नी मनोरमा, झींझक के द्वारिकागंज निवासी रिश्तेदार अशोक दिल्ली के लिए रवाना हुए। परिजनों की रवानगी की सूचना पर कस्बे के लोग रेलवे स्टेशन पर एकत्र हुए और उनके माध्यम से राष्ट्रपति के लिए बधाई संदेश व उपहार भेजा। इस मौके पर कोविंद की भाभी गंगाजलि, भतीजी दयालता, दीपा, सुनीता, रिंकी, बिन्नी, टोनी, राजा गुप्ता, बजरंगी अग्निहोत्री, मोहनलाल, रमेश, विवेक आदि मौजूद रहे।
दिल्ली रवाना होने से पहले कोविंद के बड़े भाई प्यारेलाल ने बताया कि रामनाथ जब 12वीं पास कर कानपुर से गांव आए थे, तब अपने साथ वह छोटी कापियां लाए थे। उनमें राम नाम लिखकर ग्रामीणों को भरने को दी थीं। वे कहते थे कि राम का नाम लिखने से मन को शांति मिलती है। बताया कि पिता जी स्व. मैकूलाल भी राम नाम से प्रेम करते थे। भतीजे दीपक व पकंज ने बताया कि चाचा रामनाथ कोविंद शिक्षा के प्रसार प्रसार पर ध्यान देते रहे हैं। इसलिए उन्हें डायरी व पेन भेंट करेंगे।