सर्दी की दस्तक के साथ विदेशी पक्षियों की आमद शुरू हो गई है। दूर देशों से उड़कर आने वाले विदेशी पक्षी तहसील क्षेत्र की बरईगढ़ और बलहापारा गांव की झीलों के किनारे के साथ यमुना, पांडु और रिंद नदियों के किनारे एकांत स्थलों पर अपने डेरे जमाने लगे हैं।
इधर, शिकारियों ने उनको अपना निशाना बनाना भी चालू कर दिया है। वन क्षेत्राधिकारी अतुलकांत शुक्ला ने बताया कि विदेशी पक्षियों को पकड़ने और शिकार करने पर प्रतिबंध है। बरईगढ़ गांव में 80 बीघे से अधिक के क्षेत्रफल में झील है। पतारा विकास खंड के बलहापारा गांव की भी झील में प्रतिवर्ष सैलानी पक्षी आते हैं।
कम बरसात होने से बलहापारा गांव की झील में जहां-तहां पानी बचा है। बरईगढ़ झील में पर्याप्त पानी है। विदेशी पक्षियों की आमद बरईगढ़ झील के आसपास अधिक दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि ठंड बढ़ते ही झील के आसपास तरह-तरह के पक्षियों के झुंड मंडराते नजर आने लगे हैं।
इन दिनों साइबेरियन सारस और पेंडाक पक्षी झुंड के झुंड मंडराते दिख रहे हैं। क्षेत्र के दक्षिणी भाग पर स्थित यमुना नदी के किनारे कटरी-काटर, गड़ाथा, कोटरा-मकरंदपुर, रामपुर, मोंहटा, दहिलर, मऊनखत, बीबीपुर और असवारमऊ सहित कई गांवों के किनारे जंगलों में विदेशी पक्षियों की आमद देखने को मिल रही है।
गांववालों ने बताया कि विदेशी पक्षियों का चोरी-छिपे शिकार भी किया जा रहा है। बताया कि शिकारी मौका पाते ही पक्षियों के झुंड पर गोली चला देते हैं।