फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फरमान हत्याकांड : सड़क पर शव रख जाम लगाया

विज्ञापन
फरमान की हत्या को लेकर विरोध प्रदर्शन करतीं महिलाएं। - फोटो : GHATAMPUR
विज्ञापन
घाटमपुर। कोतवाली क्षेत्र के परास गांव निवासी मोहम्मद फरमान का शव पोस्टमार्टम के बाद सोमवार की शाम गांव पहुंचा। शव के पहुंचते ही कोहराम मच गया। गुस्साए परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। शव को रोड पर रखकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान 20 मिनट तक परास-बरीपाल मार्ग पर जाम लगा रहा। सीओ घाटमपुर रवि सिंह ने लोगों को समझाकर शांत कराया। देर शाम शव कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया।
विज्ञापन

परास गांव में रविवार को रंजिश में गांव के ही सुखदेव उर्फ बड़कऊ सविता ने गांव के ही मोहम्मद फरमान (40) की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। आरोप था कि बड़कऊ सविता ने अपनी बेटी कंचन की मौत के बाद बदले लेने के मंशा से हत्या की थी। था। बड़कऊ सविता की बेटी कंचन को फरमान का भतीजा आजाद ले गया था और उससे शादी कर ली थी। इधर, 14 अगस्त 2019 को आजाद और कंचन के शव संदिग्ध हालात में गांव के बाहर परिषदीय विद्यालय परिसर में पड़े मिले थे। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत जहरीला पदार्थ खाने से होना बताया गया था। पुलिस ने आत्महत्या का मामला मानकर जांच बंद कर दी थी। घटना के कुछ दिन बाद ही दोनों पक्षों ने अदालत के माध्यम से एक-दूसरे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें गांव के कुछ अन्य लोगों के नाम भी शामिल किए गए थे। इसी बात को लेकर बड़कऊ सविता और फरमान के बीच रंजिश और बढ़ गई थी। इस कारण बड़कऊ ने फरमान की हत्या कर दी और फरार हो गया।
रविवार देररात मृतक के पुत्र की तहरीर पर कोतवाली में बड़कऊ सविता, उसके भाई छोटकी सविता और सुखदेव के बेटों पूतू और कल्लू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। सीओ रवि सिंह के मुताबिकसोमवार को पुलिस ने तीन आरोपियों छोटकी सविता, पूतू और कल्लू को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी बड़कऊ सविता की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
विज्ञापन

परास गांव निवासी फरमान की हत्या से गुस्साए लोगों का आरोप था कि पुलिस आरोपी पक्ष की तरफदारी कर रही है। सीओ रवि सिंह के काफी समझाने, आरोपी पक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए।
परास गांव में हत्या के बाद दो वर्गों के बीच तनाव की आशंका के चलते दो ट्रक पीएसी के साथ ही साढ़, सजेती, घाटमपुर, नर्वल, महराजपुर थानों का पुलिस बल तैनात किया गया था। गांव के नुक्कड़ों पर पुलिस बल नजर रखे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें