करीब 22 साल पुराने एक मामले में गवाहों के उपस्थित न होने पर किशोर न्याय बोर्ड ने पुलिस कप्तान को आदेश दिया है कि वह निश्चित तारीख पर गवाहों को बोर्ड में हाजिर कराएं।
मालूम हो कि रूरा थाना क्षेत्र के इंदरूख गांव में 7 मार्च 1993 को राजा दुबे की हत्या हुई थी। इस मामले में किशोर अपचारी का बयान दर्ज किए जा चुके है लेकिन 17 साल का समय बीत जाने के बाद सिर्फ एक ही साक्षी का बयान हो सका है।
जबकि अन्य गवाहों को बोर्ड के समक्ष अभियोजन पक्ष उपस्थित नहीं करा सका। इसी मामले की सुनवाई के दौरान बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट रघुवीर सिंह राठौर ने एसपी को आदेशित करते हुए कहा है कि लगातार आदेश के बाद भी गवाहों को पेश नहीं किया जा रहा है।
अभियोजन पक्ष गवाही में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है। बोर्ड ने कहा कि यदि निर्धारित समय पर गवाहों को न्यायालय में हाजिर नहीं किया जाता है तो अभियोजन पक्ष के साक्ष्य के अवसर समाप्त कर दिए जाएंगे । इसकी जिम्मेदारी पुलिस व अभियोजन पक्ष की होगी।
इस लापरवाही की रिपोर्ट शासन को भी भेजी जाएगी। किशोर न्याय बोर्ड अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस की लापरवाही से न्याय प्रक्रिया में बाधा आ रही है।
बोर्ड ने पुलिस अधीक्षक को आदेेशित कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने का आदेश देते हुए साक्षियों को शीघ्र ही न्यायलय बोर्ड के समक्ष उपस्थित कराने के आदेश दिये है।