उत्तरीपूरा क्षेत्र में बंबे के पास दुर्घटनाग्रस्त हुई स्कोडा कार की रफ्तार हादसे के वक्त 153 किमी प्रति घंटा थी। हादसे के बाद स्पीड मीटर की सुई 153 पर ही रुकी मिली थी। लग्जरी कार में एयर बैग भी खुल गए थे जिससे चालक की तो जान बच गई लेकिन उसमें बैठे अन्य चार लोग नहीं बच सके। उधर शनिवार को खेरेश्वर घाट पर एक साथ चारों का अंतिम संस्कार करा दिया गया।
उत्तरी गांव निवासी श्याम गोपाल मिश्रा (30) होली मनाने के लिए 23 मार्च को जयपुर से स्कोडा कार लेकर गांव आया था। श्याम गोपाल के मामा जयपुर में कपड़ा व्यापारी हैं। सूत्रों की मानें तो श्याम गोपाल मिश्रा अपने चाचा उत्तरी निवासी संजीव मिश्रा के कहने पर होली मनाने को कार लेकर आया था। बाद में कार में दोस्त संतोष पाल, राकेश पाल, कृष्णकांत, लल्ला बाजपेई सहित कुल छह लोग सवार हुए।
पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि कार में शराब पीते हुए सभी घूमते रहे। शराब खत्म होने पर संतोष पाल ने उत्तरी के एक एटीएम बूथ से पांच हजार रुपये निकाले और पूरा बंबे स्थित एक बीयर की दुकान से बीयर भी खरीदी। इसी दौरान लल्ला बाजपेई कार से उतर कर इदरीश टेलर की दुकान पर रुक गए। बाकी लोग कार से चल पड़े। लल्ला बाजपेई बच गया, लेकिन कार सवार चारों की मौत हो गई। एयरबैग खुलने से चालक श्याम की जान बच गई। परिजन उसे उपचार के लिए कानपुर ले जाने की बात कह चले गए। वह किस अस्पताल में भर्ती है, इसकी जानकारी न परिजनों ने दी और न ही ग्रामीण बता सके।
एसडीएम आलोक कुमार ने बताया कि दुर्घटना का शिकार हुआ पंचर दुकानदार विनोद सक्सेना के पास जमीन का टुकड़ा भी नहीं है। परिवार के जीविकोपार्जन के लिए दो बीघा जमीन पट्टा करने का आदेश दिया गया है। पत्नी को विधवा पेंशन की संस्तुति की जाएगी। आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने का प्रयास तहसील प्रशासन करेगा। जन प्रतिनिधियों, व्यापारियों से विनोद के परिवार की मदद की अपील की है।