शिव बारात में निकाली गई झाकियां।
- फोटो : amarujala
भीतरगांव कसबे के तिवारीपुर गांव में होली के बाद निकाली जाने वाली परंपरागत शिव बारात का गांव में जगह-जगह स्वागत किया गया। लोगों ने अपने घरों के सामने बारात की अगवानी करने के साथ ही आरती उतारी और प्रसाद वितरण किया।
गांव के पूरन पासवान, संजय यादव, पत्तर पासी और बलवीर यादव ने बताया कि होली के त्योहार के मौके पर रंग पर्व के दूसरे दिन भइया दूज से दो दिवसीय कार्यक्रम होता है। इसमें पहले दिन सिर्फ फाग गायन और होली मिलन होता है।
अगले दिन (तृतीया) को शिव बारात निकाली जाती है। शनिवार की दोपहर निकाली गई शिव बारात में गांव के युवक और बच्चे रुद्रगणों और देवताओं के भेष में शामिल हुए। शिव बारात के गांव में भ्रमण के दौरान बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सभी उत्साह संग शामिल रहे।
भदरस गांव में होली के मौके पर आयोजित होने वाली पांच दिवसीय रामलीला के 114वें महोत्सव में शनिवार की रात पुष्पवाटिका लीला का मंचन किया गया। इसमें श्रीराम के स्वरूप को देखकर सीता मोहित हो गईं। श्रीराम और लक्ष्मण गुरु विश्वामित्र से आज्ञा लेकर पूजन के लिए पुष्प लेने जनकराज की वाटिका में जाते हैं। उधर, से अपनी सखियों के संग सीता पुष्पवाटिका में माता गौरी का पूजन करने आती हैं।
यहीं पर सखियों ने सीता को लताओं की ओट से श्रीराम के दर्शन करवाए। जिनको देखते ही सीता मोहित हो गईं। इधर, श्रीराम भी सीता की अलौकिक छवि को देखकर मोहित हो गए और एक-दूसरे को मन से वरण कर लिया। इस दौरान लीला में श्रीराम के संग सीता की सहेलियों की हंसी-ठिठोली भी दिखाई गई।