बारिश शुरू होने पर घाटमपुर के मुख्य चौराहे का दृश्य।
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मौसम को लेकर वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान शत-प्रतिशत सही निकला। रविवार की शाम आंधी आने के साथ ही बारिश भी हुई। जबकि, देर शाम आसमान बादलों से ढका था और बूंदाबांदी का क्रम जारी था। मौसम का रुख देखकर किसानों के हलक सूख रहे हैं। खेतों में रबी की फसलें पककर कटने के लिए तैयार खड़ी हैं।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ स्थानों पर अगले 48 घंटे के दौरान तेज रफ्तार हवाएं चलने और बारिश होने की आशंका जताई थी। रविवार की शाम मौसम वैज्ञानिकों की आशंका सच साबित हुई। धूलभरी आंधी आने के साथ ही तकरीबन 20 मिनट तक जमकर बारिश हुई, जिससे खेतों में पकी खड़ी और खलिहानों में काटकर रखी गई रबी की दलहनी और तिलहनी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
वहीं किसानों ने बताया कि पानी बरसने से गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचेगा। आंधी और बारिश शुरू होने से सड़कों पर सन्नाटा रहा। रोड पर चलने वाले वाहनों को हेडलाइटें जलानी पड़ गईं। जबकि, कच्चे रास्तों में बारिश के पानी से दलदल हो गया।
पतारा, सजेती और भीतरगांव समाचार प्रतिनिधियों के अनुसार रविवार की शाम आंधी आने और बारिश होने से रबी की फसलों के साथ ही आम की फसल को भी नुकसान पहुंचना तय है। यमुना कटरी के किसानों ने बताया कि तेज आंधी में रेती में बोई गई सब्जी की फसलों की बेलें और पौधे टूटने से नुकसान हुआ है।