घाटमपुर। एक तरफ कोरोना संक्रमण तो दूसरी ओर पल-पल बदल रहा मौसम का रुख किसानों की परेशानी बढ़ा रहा है। सोमवार को फिर आसमान पर बादल मंडराने और धुंध छाने से आंधी आने के आसार बन गए। किसानों ने बताया कि उनकी फसलें खेत-खलिहानों में कटाई-मड़ाई के लिए पड़ी हैं। ऐसे में मौसम की बेरुखी भारी पड़ सकती है।
किसानों ने बताया कि रबी की मुख्य फसल गेहूं की कटाई का काम युद्धस्तर पर शुरू है। लॉकडाउन के चलते मजदूर एक गांव से दूसरे गांव फसल की कटाई करने आ-जा नहीं पा रहे हैं। इसके चलते हजारों बीघे फसल की कटाई नहीं हो पा रही है। यही हाल फसल की मड़ाई करने और भूसा ढुलवाकर घरों तक पहुंचाने का है। बताया कि इस इलाके में 70 फीसदी किसान लघु और माध्यम दर्जे के काश्तकार हैं। जिनके पास खेत में फसल की कटाई करवाने के लिए हार्वेस्टर लाने की क्षमता नहीं है। जिससे वह मजदूरों के भरोसे ही फसल की कटाई-मड़ाई का कार्य करते हैं।
इधर, जो किसान खुद परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर किसी तरह खेत-खलिहान में फसल की कटाई-मड़ाई करवा भी रहे हैं तो मौसम की बेरुखी से कार्य में बाधा पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि बीते शुक्रवार को इलाके में कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई थी जिसके चलते दो दिन तक काम बाधित रहा। जबकि, सोमवार को फिर मौसम का रुख बिगड़ने से वह चिंता में हैं।