भागवत कथा का श्रवण कराते पंडित रमाकांत तिवारी।
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किशरवल गांव स्थित पातालेश्वर मंदिर में 34वें श्रीमदभागवत महापुराण कथा में भागवताचार्य रमाकांत तिवारी ने भक्तों को कथा का रसपान कराया। उन्होंने मानव को जीवन में अच्छे कर्म करने और गरीबों की सहायता करने के लिए प्रेरित किया। कथा श्रवण करने के लिए महिला व पुरुष भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
शनिवार को पालेश्वर मंदिर में चल रही भागवत कथा में आचार्य पं रमाकांत तिवारी ने विभिन्न कथाओं के माध्यम से भक्तों का मार्गदर्शन किया। कहा कि मानव जन्म 84 लाख योनियों में भटकने के बाद मिलता है।
मानव जीवन अनमोल है। इसका सदुपयोग भगवान की भक्ति करके करना चाहिए। जन्म के बाद के मनुष्य अपने कर्मों के कारण कष्ट भोगता है। जीवन में कर्म से बढ़कर कुछ भी नही है, जो मनुष्य अपने कर्म से पीछे हटता है, उसे जीवन भर कष्टों का सामना करना पड़ता है।
कार्यक्रम आयोजक चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि 27 फरवरी को संकीर्तन के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। इस दौरान उदय नारायण मिश्रा, सोनू शुक्ला, महावीर सविता, रामकष्ण शर्मा, बीनू मिश्रा, सुनील मिश्रा आदि मौजूद रहे।