रसूलाबाद। थाना क्षेत्र के दशहरा सुजानपुर गांव में कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। बेटियों की शादी करने व कर्ज अदा करने में उसने चार बीघा खेत तक बेच दिया। इसके बाद भी कर्ज अदा न होने व तगादा करने वालों से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर दी।
दशहरा सुजानपुर निवासी राजेश (48) किसान क्रेडिट कार्ड से एक लाख रुपये का ऋण लिए था, वहीं सहकारी समिति से 30 हजार रुपये का लोन था। इसके अलावा उस पर साहूकारों का भी कर्ज था। साहूकार इस बीच उस पर कर्ज वापसी का दबाव बना रहे थे। इससे आजिज आकर उसने सोमवार रात सियारी नाला के निकट अपने खेत में आम के पेड़ से गमछे के सहारे फांसी लगा ली।
सुबह निकले ग्रामीणों ने यह देखा तो घटना की जानकारी उसके घर दी। राजेश अपने हिस्से की 4 बीघा जमीन बेच चुका था। अब उसके पास केवल 10 बिस्वा जमीन बची थी। उसे परिवार के भरण पोषण में समस्या आ रही थी। पत्नी शांति ने बताया कि तीन बेटियों की शादी करने में कर्ज हो गया। आमदनी न होने के कारण उसे अदा नहीं किया जा सका, जिससे राजेश परेशान रहते थे।
ग्राम प्रधान राजबहादुर सिंह ने बताया कि मृतक आर्थिक रूप से कमजोर था। इससे परेशान रहता था। उसके परिवार में पत्नी शांति देवी, बेटे अभिषेक, देवेश हैं। तीन बेटियां है ,उनकी शादी हो चुकी है। घटना के बाद पत्नी व बेटे बिलखते रहे। घटना की जानकारी पर एसडीएम परवेज अहमद सीओ रामकृष्ण मिश्रा मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि राजेश नशे का आदी था, जिससे वह परेशान रहता था। थाना प्रभारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।