बदहाल रनियां-मैथा सड़क का हुआ चिंहांकन।
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ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर वाहन अब तेजी से फर्राटा भर सकेंगे। जिले की 625 किलोमीटर लंबी सड़क को गड्ढामुक्त करने के लिए 150 लाख रुपये खर्च होंगे। लोक निर्माण विभाग ने सड़कें गड्ढामुक्त करने के लिए कार्ययोजना बनाकर शासन को भेज दी है। सिर्फ शासन से पैसों का इंतजार है।
जिले के कई संपर्क मार्ग पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। लोगों को खासी दिक्कतें होती हैं। गांव के लोग अधिकारियों से कई फरियाद कर चुके हैं। मंडलायुक्त ने बीते दिनों सभी जिलों में खस्ताहाल सड़कों को दुरुस्त कराकर गड्ढामुक्त करने के लिए डीडीओ को नोडल अधिकारी बनाया था। विकास भवन में ग्रामीणों की शिकायतें दर्ज करने के लिए एक कंट्रोल रूम खोला गया है।
कंट्रोल रूम में लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराई। इसके बाद नोडल अफसर ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को सड़कें ठीक कराने का निर्देश दिया था। विभागीय अधिकारियों ने विधानसभावार कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी है।
कार्ययोजना के मुताबिक सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र की 111, रसूलाबाद की 105, भोगनीपुर की 71 व अकबरपुर-रनियां की 78 सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। विभागीय अधिकारी शासन से बजट आवंटित होने का इंतजार कर रहे हैं। उधर, अधिकारियों का कहना है कि बरसात खत्म हो चुकी है। शासन से जितनी जल्दी पैसा आ जाए। उतनी जल्दी काम शुरू करा देंगे।
कंट्रोल रूम में गड्ढामुक्त सड़क बनाने के लिए दर्ज हुई शिकायतें पीडब्ल्यूडी को भेजी गई हैं। उन्हें कार्ययोजना में शामिल किया जाना था। सोमवार को पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। गड्ढामुक्त सड़क बनाने के बार में बातचीत की जाएगी। - राजितराम मिश्रा (डीडीओ/नोडल अधिकारी)