क्षेत्र के गदनपुर आहार गांव में बुधवार शाम हुई सत्यनारायण की कथा के समापन पर वितरित किए गए प्रसाद को खाकर करीब 30 ग्रामीण फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। हालत बिगड़ती देख आनन-फानन में ट्रैक्टर-ट्राली, एंबुलेंस आदि साधनों से बीमार लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
गदनपुर आहार गांव निवासी रामगोपाल के घर बुधवार की शाम करीब चार बजे सत्यनारायण कथा का आयोजन किया गया था। विधि-विधान से कथा समाप्त होने के बाद कथा सुनने आए गांव के बच्चों, युवक-युवतियों, महिलाओं, बुजुर्गों को पंजीरी और पंचामृत प्रसाद का वितरण किया गया।
पीड़ितों के परिजनों के मुताबिक प्रसाद खाने के करीब डेढ घंटे बाद अंजली (10) को एकाएक उल्टियां चालू हो गईं। जब तक अंजली को नीबू पानी सहित अन्य घरेलू उपचार दिया जाता तब तक आधे गांव में प्रसाद खाने वालों में उल्टी, दस्त, मन मिचलाना, चक्कर आना शुरू हो गया। गांव पहुंचीं दो एंबुलेंस बड़ी संख्या में फूड प्वाइजनिंग का शिकार लोगों को लेकर सीएचसी पहुंचा, जहां सभी पीड़ितों का उपचार शुरू हुआ। प्रसाद खाने से गांव के ही अंबिका (1), प्रियांशू (3),आयुष(2), शारदा(15), गीता (20), अंजली (10), रामदेवी (60), रामसखी(45), सुखदेवी(65), लल्ला (10), कन्हैयालाल(33), हरिओम (20), सोनू (11), गुडिय़ा (18), मालती (23) सहित कुल 16 लोगों को सीएचसी में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। ग्रामीणों के मुताबिक बहुत से ग्रामीण गांव में ही अपना घरेलू उपचार करा रहे हैं।
वहीं सीएचसी के डा गणेश कुमार ने अस्पताल आए सभी मरीजों का प्राथमिक उपचार जारी है। पूरे स्टाफ को हाई एलर्ट पर रखा गया है। दो घंटे के अंदर जिन मरीजों की हालत सामान्य नहीं होती उन्हें कानपुर के लिए रेफर कर दिया जाएगा। पूरा मामला विषाक्त प्रसाद खाने से हुआ है।