अमर उजाला ब्यूरो
पतारा (कानपुर)। कस्बे के धरमंगदपुर (पतारा) गांव के परिषदीय विद्यालय में मिडडे मील के लिए भेजे गए चावल में कीड़े निकले जबकि, चावल भी सड़े हुए थे। यह देख रसोइए ने प्रधानाध्यापक को सूचना दी। शिक्षकों ने खराब चावल न पकाने की हिदायत देकर ग्राम प्रधान को सूचना दी। प्रधान ने आनन-फानन खराब चावल वापस मंगवाए और अच्छे चावल भिजवाए। चावलों में कीड़े निकलने की जानकारी पर बच्चों के कई अभिभावक विद्यालय पहुंच गए।
प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार को 25 बच्चे स्कूल आए थे। दोपहर में रसोइया कुसमा देवी और आशा देवी खाना पका रही थीं। बताया कि उन्होंने बोरी से निकालकर चावल परात में डाले तो उनमें कीड़े और घुन निकले जबकि, चावल सड़े थे। जानकारी होने पर प्रधानाध्यापक ने उन चावलों को वापस बोरी में रखवाने के साथ दुकान से चावल मंगवाकर पकाए। जबकि, खराब चावल की सूचना खंड शिक्षाधिकारी और ग्राम प्रधान मधुबाला सिंह को दी।
ग्राम प्रधान के पुत्र अजय सिंह ने बताया कि दिसंबर महीने में मिडडे-मील का चावल मिला था। उसके बाद से नहीं मिला है। जमीन पर रखी बोरी के चावल खराब हो गए होंगे। खंड शिक्षाधिकारी नीरज उमराव ने बताया कि पतारा ग्राम पंचायत के सभी स्कूलों में ग्राम प्रधान ही मिड डे मील की सामग्री भिजवाते हैं। बताया कि खराब चावल निकलने की सूचना पर उन्होंने ग्राम प्रधान को हिदायत दी है।
मिडडे मील के लिए भेजे गए चावल में निकले कीड़े
- ग्राम प्रधान ने भेज दिए सड़े चावल
- सूचना पर वापस मंगवाए
फोटो- 23 जीटीआरपी 4- परात में रखा धरमंगदपुर (पतारा) गांव के विद्यालय में भेजा गया खराब चावल।
फोटो- 23 जीटीआरपी 5- भोजन पकाती रसोइया, मौके पर मौजूद शिक्षक और गांव के लोग।