कसबे के माल का पुरवा कहिंजरी और कानपुर रोड के पास खेत में लगी आग से 103 बीघा गेहूं की पकी फसल जलकर नष्ट हो गई। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका। सूचना देने के बावजूद दमकल के देर पहुंचने पर गुस्साए ग्रामीणों ने पथराव कर सड़क पर जाम लगा दिया। एसडीएम ने किसी तरह ग्रामीणों को सांत्वना देकर शांत करवाया।
शनिवार की सुबह कहिंजरी मालपुरवा मार्ग स्थित आठ बीघे गेहूं की फसल में आग लग गई। फसल राख में तब्दील हो गई। मौके पर दमकल गाड़ी के देर से पहुंचने पर किसानों ने कानपुर रोड जाम कर दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने दमकल कर्मियों पर पथराव भी किया। लेकिन दमकल कर्मियों व ग्रामीणों ने के प्रयास से आग पर काबू पाया जा सका। ग्रामीणों का आरोप था कि दमकल के फोन मिलाते रहे, लेनिक किसी ने नहीं रिसीव किया। वहीं, कहिंजरी में कमलाकांत व गोविंदकांत त्रिवेदी निवासी बड़ागांव के खेत जलकर नष्ट हो गए। इन खेतों को बटाई पर बउआ जोशी लिए था।
एक अन्य घटना में कसबे के कानपुर रोड स्थित स्नेहलता गुप्ता डिग्री कालेज के पास स्थित 95 बीघा गेहूं की फसल में आग से जलकर नष्ट हो गई। बता दें कि तेज हवा के झांकों से आग की लपटों ने कहर बरपाया। अग्निकांड में रामशंकर यादव, मुकेश, सुघरलाल, शिवकुमार निवासीगण जमनी निवादा, अशर्फ ीलाल, शिव सिंह, रमेश, छम्मीलाल, मनोज, जयचंद्र, फू ल सिंह, विशंभर निवासीगण कठिका बुझवा, अवधेश कुमार निवासी झींझक की फसल जलकर नष्ट हो गई हैं। अपनी साल भर की मेहनत पल भर में जलते देखकर किसान व उनके परिजन फफक कर रो पड़े।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि जलती बीड़ी फेंकने से आग लगी है। उधर, कसबे में दो जगहों पर लगी भीषण आग की सूचना के बावजूद दमकल के देर से आने पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और रोड जाम कर दिया। आग की सूचना पर एसडीएम राजीव पांडेय, एसओ अनिल मणि त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। उपजिलाधिकारी ने बताया कि तहसीलदार संदीप केला व क्षेत्रीय लेखपाल रवींद्र शुक्ला को कहिंजरी भेजा गया है। आकलन रिपोर्ट आते ही आर्थिक सहायता दी जाएगी।