सोमवार को एसडीएम ने ब्लाक, नगर पंचायत कार्यालय, गेहूं क्रय केंद्र व पीडब्लूडी गेस्ट हाउस का औचक निरीक्षण किया। ब्लाक में कई कर्मचारी विलंब से पहुंचे तो नगर पंचायत कार्यालय में अधिशाषी अधिकारी नदारद मिले। पीडब्लूडी गेस्ट हाउस की चाबी गेट किसी बाहरी व्यक्ति के पास मिली। चपरासी नदारद मिला। एसडीएम ने रिपोर्ट डीएम को भेजी है।
डेरापुर की एसडीएम विजेता ने 10:15 बजे ब्लाक कार्यालय पहुंचकर उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया। जेई ओमप्रकाश वर्मा, कनिष्ठ लिपिक निशा त्रिपाठी, एडीओ पंचायत अवधेश पांडेय, ट्यूबवेल सहायक निरीक्षक प्रदीप पटेल, रामकुमार वर्मा नदारद मिले। एसडीएम ने बीडीओ ज्ञानेंद्र मिश्रा से नदारद मिले कर्मियों के संबंध में जानकारी की तो उन्होंने बताया कि अवधेश पांडेय तहसील सभागार में आयोजित ग्राम विकास एवं ग्राम पंचयत अधिकारियों की बैठक में मौजूद हैं। वहीं, रामकुमार वर्मा व प्रदीप पटेल घाटमपुर सरकारी ट्यूबवेल की तकनीकी खामियों की जानकारी करने के लिये भेजे गए हैं। इसके बाद एसडीएम ने 10:40 बजे नगर पंचायत कार्यालय पहुंची।
यहां अधिशाषी अधिकारी के कार्यालय में ताला लटक रहा था। कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक सतीश यादव ने बताया कि अधिशाषी अधिकारी के पास अतिरिक्त नगर पालिका का चार्ज है। एसडीएम ने कार्यालय के साथ साथ गोदाम, शौचालय, पंप कक्ष का निरीक्षण किया। वहीं, एसडीएम ने 11:05 पर सहकारी समिति सरगांव खुर्द के भवन में संचालित आरएफ सी के गेहूं क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खल्ला निवासी किसान रामसजीवन व सनिहांपुर निवासी ज्ञानेंद्र तिवारी गेहूं की माप तौल करवा रहे थे। एसडीएम ने एसएमआई सवन कुमार से कुल खरीदे गए गेहूं के बारे में जानकारी की। बताया कि अब तक 1167 कुंतल 50 किलोग्राम गेहूं खरीदा जा चुका है।
एसडीएम ने गेहूं रखने के स्थान का भी निरीक्षण किया। वहीं, किसानों ने बताया कि 1625 रूपये कुंतल की दर से भुगतान दिया जा रहा है लेकिन पल्लेदारी 10 रूप्ये देनी पड़ रही है। इसके बाद विजेता सीधे पीडब्लूडी गेस्ट हाउस पहुंची। यहां पर कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था।
गेस्ट हाउस की चाबी गेट के बाहर कपड़ों में प्रेस करने वाले एक युवक के पास रखी हुई थी। अचानक एसडीएम को देख उसने सभी कमरों के ताले खोल दिए। एसडीएम ने कमरों में गंदगी पर नाराजगी जाहिर की तो पता चला कि जिस पर वे नाराजगी जता रही है वह प्राइवेट व्यक्ति है। इस पर उन्होंने जेई रासिद खान से संपर्क करने का प्रयास किया पर संपर्क नहीं हो सका। एसडीएम ने सरकारी भवन की चाबी प्राइवेट व्यक्ति के पास होने पर जेई से स्पष्टीकरण तलब करने की बात कही।