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10 लाख के लिए लावारिस लाश को बनाया भाई

Wed, 23 Nov 2016 02:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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लावा‌रिस शव पर भाई होने का दावा करती म‌हिला प्री‌ति - फोटो : अमर उजाला
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10 लाख रुपये मुआवजे के चक्कर में एक महिला ने ट्रेन हादसे में मारे गए युवक को अपना भाई बताकर खूब रोना पिटना किया। 16 घंटे तक कानपुर देहात के अकबरपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस में बिलखती रही। वहां पहुंचे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री शिवाकांत ओझा और अन्य अधिकारियोें से मदद के लिए गिड़गिड़ाई भी।
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अधिकारी भी उसके फरेब में आ गए और मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद उसे शव सौंपने वाले थे। इसी बीच मृतक के परिजनों के पहुंचने से महिला की पोल खुल गई। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर धोखाधड़ी के आरोप में जेल भेज दिया है।


बता दें रविवार तड़के इंदौर-पटना एक्सप्रेस कानपुर देहात के पुखरायां में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें अब तक 148 यात्रियों मौत हो गई है, जबकि 200 से ज्यादा घायल हैं।
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मृतक के परिजनों को प्रदेश सरकार ने पांच लाख, केंद्र सरकार ने दो लाख और रेलवे ने साढ़े तीन लाख का मुआवजा देने का एलान किया है। आठ को छोड़कर सभी शव शिनाख्त के बाद सोमवार देर रात परिजनों को सौंप दिए गए थे।


रविवार रात एक महिला अकबरपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। उसने एक युवक का शव देखा और भाई राहुल बताकर दहाड़े मारकर रोने लगी। स्थिति यह हो गई कि पुलिस अफसरों को उसकी मदद को महिला कांस्टेबल तैनात करनी पड़ी। महिला खुद को पटना आलमगंज निवासी प्रीति बता रही थी। वह रातभर पोस्टमार्टम हाउस के बाहर रोती रही।


सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव देने की प्रक्रिया चल रही थी कि एक पुलिस अफसर के पास फोन आया। चंदौली (पूर्वांचल का जिला) के इंद्रपुरा बाबुरी निवासी दीनानाथ विश्वकर्मा ने फोन करके बताया कि सोशल मीडिया पर जारी हुई मृतकों की तस्वीर में 69 नंबर का शव उनके बेटे रिशु (20) का है।


इसके बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया। दोपहर को दीनानाथ पत्नी रीता और रिश्तेदारों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। इसके बाद शव बेटे रिशु का होने के सुबूत पेश किए। दीनानाथ के मुताबिक रिशु एक ठेकेदार के अंडर में ट्रेनों में साफ सफाई करता था। वह इंदौर-पटना एक्सप्रेस से घर लौट रहा था।


अकबरपुर थाने के एसआई हरिकृष्ण त्रिपाठी की तहरीर पर धोखेबाज महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र के नदेशा निवासी महताब आलम की बेटी आलिया परवीन है। उसके पास से नया मोबाइल फोन और एक एजेंट का विजिटिंग कार्ड भी मिला है।

महिला के पीछे किसी बड़े गैंग का हाथ लग रहा है। जो रेलवे पर क्लेम करने का काम करते हैं। महिला ने मुआवजे की रकम पाने की लालच में धोखाधड़ी की है।


आरोपी महिला के मोबाइल की सीडीआर निकाली जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने किसकी आईडी पर सिम खरीदा है और किन लोगों के संपर्क में थी। महिला के खिलाफ पुख्ता सुबूत जुटाने के लिए शव का डीएनए टेस्ट कराने की भी तैयारी है।- प्रभाकर चौधरी, एसपी कानपुर देहात
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