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दिव्या मित्तल लड़ेंगी निर्दलीय: चुनावी अखाड़े में कूदने को पूर्व नौकरशाह तलाश रहे मजबूत ठीहा; अब ये हैं मंत्री

Wed, 30 Sep 2026 08:45 AM IST
Sharukh Khan अजीत खरे, नई दिल्ली

सार

पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने मंगलवार को साफ कर दिया कि वह राजनीति में उतरेंगी। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है। हालांकि निर्दलीय चुनाव जीतना खासा मुश्किल है। बड़े दलों का दामन थामे बिना राह मुश्किल हो जाती है। कई पूर्व आईएएस राजनीति में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं।
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Divya Mittal - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने तो अपनी सियासी पारी व मुद्दों का तो ऐलान कर दिया, साथ ही यह भी बता दिया कि वह निर्दलीय ही विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी। पर यूपी में तमाम पूर्व आईएएस व पूर्व आईपीएस अधिकारी माननीय बनने की होड़ में मजबूत ठीहा तलाश रहे हैं।
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इनके जरिए टिकट पाने की कोशिशें अभी पर्दे के पीछे चल रही हैं। जब पर्दा उठेगा तो पता चलेगा कि तमाम पूर्व नौकरशाह जनता के बीच वोट मांगते दिखेंगे।

इसी साल यूपी से कई आईएएस अधिकारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने का ऐलान किया। इसमें एक अधिकारी राकेश वर्मा हैं जो पिछले दिनों कांग्रेस में शामिल हो गए। इंडियन पॉलिटिकल जस्टिस पार्टी का गठन करने वाले पूर्व आईपीएस बीपी अशोक ने भी कांग्रेस का दामन थाम लिया। इन दोनों को कांग्रेस व सपा गठबंधन में इन्हें भी टिकट मिल जाए तो कोई हैरत नहीं।
 

राज्यसभा चुनाव के लिए भी होड़
राज्यसभा चुनाव के लिए सपा की ओर से आलोक रंजन को फिर से प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा है। यूपी के मुख्य सचिव रह चुके आलोक रंजन को सपा ने पिछले चुनाव में उतारा था। भारतीय जनता पार्टी की ओर से केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी को दोबारा राज्यसभा भेजने की चर्चा चल रही है।

भाजपा से ही राज्यसभा सदस्य व पूर्व आईपीएस अधिकारी बृजलाल के भी पुन: टिकट दिए जाने प्रबल संभावना है। वहीं, उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी ने सेवानिवृत्ति के बाद भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की और राज्यसभा सांसद बने।
 

यूपी सरकार में दो पूर्व नौकरशाह अब हैं मंत्री
कभी मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रित्वकाल में उनके सुरक्षा अधिकारी रहे असीम अरुण इस वक्त यूपी सरकार में मंत्री हैं। असीम अरुण आईपीएस की नौकरी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए। यूपी के बिजली मंत्री अरविंद कुमार शर्मा गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी रह चुके हैं।

असीम अरुण जहां विधानसभा चुनाव जीत कर मंत्री बने, वहीं अरविंद कुमार शर्मा विधान परिषद सदस्य बने। कभी मुलायम सिंह यादव व मायावती के प्रमुख सचिव रहे पीएल पुनिया कांग्रेस के जरिए बाराबंकी से सांसद रह चुके हैं।
 

कहीं जीत कहीं हार
कभी मुलायम सिंह यादव व मायावती के प्रमुख सचिव रहे पीएल पुनिया कांग्रेस के जरिए बाराबंकी से सांसद रह चुके हैं। विजय शंकर पांडेय, हरिशचंद्र, चंद्रपाल समेत कई पूर्व आईएएस अधिकारियों ने अपनी अपनी पार्टी बनाई, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली। कुंवर फतेह बहादुर सिंह मायावती सरकार में प्रमुख सचिव गृह रहे। रिटायर होने के बाद पहले बसपा में रहे व अब सपा में हैं।

बेहतरीन निशानेबाज व पूर्व पीसीएस अधिकारी श्याम सिंह यादव बसपा से लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी शिरीष चंद्र दीक्षित भाजपा से वाराणसी से लोकसभा सांसद रहे। पूर्व आईपीएस अधिकारी महेंद्र सिंह यादव स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक का चुनाव जीता और माध्यमिक शिक्षा मंत्री बने तो उनकी पत्नी नीरा यादव भी उसी विभाग में प्रमुख सचिव रहीं।
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पूर्व आईएएस अल्फोंस कन्ननथनम ने निर्दलीय चुनाव जीत कर चौंकाया था
केरल कॉडर के आईएएस अधिकारी अल्फोंस कन्ननथनम 2006 में सेवानिवृत्त हो गए। वामपंथी दलों के सहयोग से वह निर्दलीय विधायक बन गए। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए और राज्यसभा पहुंच गए और केंद्रीय मंत्री भी बने।
 
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