कुकर्म तथा दहेज उत्पीड़न में फंसे पूर्व मंत्री एवं फीरोजाबाद लोकसभा सीट से बसपा प्रत्याशी चौधरी बशीर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
आरोप लगाने वाली उनकी गर्भवती पत्नी की मंगलवार को तीन डाक्टरों के पैनल ने दोबारा जांच की। कोर्ट में समय से पहुंच न पाने के कारण मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़ित का बयान न हो सका।
अब बुधवार को पुलिस बयान के लिए उसे कोर्ट में पेश करेगी। उधर, मंटोला में इस मामले को लेकर माहौल गर्म है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पूर्व मंत्री की बस्ती में देर रात तक पंचायत का दौर चला, लेकिन इसमें पीड़ित पक्ष शामिल नहीं हुआ।
मंगलवार को सुबह बस्ती में पूर्व मंत्री से जुड़े विवादों से संबंधित पर्चे बांटे गए। इसमें चौधरी बशीर पर शादी और अन्य लड़कियों से संबंधों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पूर्व मंत्री चौधरी बशीर की पत्नी नगमा ने सोमवार को अपने भाई के साथ एसएसपी सुभाष चंद दुबे से मिलकर आरोप लगाया था कि पति, उनकी मां और बहनों ने टाटा सफारी के लिए उसका उत्पीड़न किया।
उसके साथ पति ने कुकर्म भी किया। मांग पूरी न होने पर उसे पति और ससुरालीजनों ने एक जून को घर से निकाल दिया। इस पर एसएसपी के आदेश पर चौधरी बशीर के खिलाफ थाना मंटोला में मुकदमा दर्ज किया गया।
पीड़ित पक्ष पर समझौते का दबाव डालने के लिए बशीर पक्ष के लोगों ने बस्ती में सोमवार देर रात पंचायत की। इसमें समाज के प्रबुद्ध लोगों को भी बुलाया गया।
बशीर पक्ष के लोगों ने उनके सामने अपनी बात रखी। इस दौरान पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठा तथा मनगढ़ंत बताया गया।
इसके बाद पीड़ित पक्ष को भी बुलाया गया पर उन्होंने आने से इनकार कर दिया। इसके बाद समाज के लोग वहां से उठ गए। पीड़ित के परिजनों का कहना था कि उनके ऊपर लगातार आरोपी पक्ष दबाव बना रहा है।
घर पर लगा ताला
आगरा। पूर्व मंत्री चौधरी बशीर का परिवार मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही घर से चला गया है। मंगलवार को चौधरी बशीर के घर ताला लगा था। परिवार को डर है कि कहीं पुलिस उनको गिरफ्तार न कर ले।