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जमीनी विवाद में उठाया जानलेवा कदम: सुनवाई न होने पर तहसील की छत से कूदा युवक, बोलेरो पर गिरा; गंभीर घायल

Wed, 07 Oct 2026 07:02 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

युवक पहले पत्नी के साथ तहसील परिसर में धरने पर बैठा था। इसी दाैरान पत्नी से पानी पीने का बहाना बनाकर तहसील भवन की छत पर पहुंच गया। वहां से नीचे छलांग लगा दी। घटना के बाद पीड़ित और उसकी पत्नी ने प्रशासनिक तंत्र पर पक्षपात करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना की जानकारी होते ही प्रशासनिक अधिकारी माैके पर पहुंच गए।
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तहसील जसराना में छत से कूद अपने पति को उठाने का प्रयास करती महिला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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फिरोजाबाद के जसराना तहसील परिसर में बुधवार को भूमि विवाद में सुनवाई न होने से आहत एक युवक ने तहसील भवन की छत से छलांग लगा दी। युवक नीचे परिसर में खड़ी एक अधिवक्ता की बोलेरो गाड़ी की छत पर गिरा और फिर पक्के फर्श पर आ पड़ा। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद तहसील में भगदड़ मच गई। सूचना पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने पहले उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और वहां से प्राथमिक उपचार के बाद नाजुक हालत को देखते हुए ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीएम ने भी तहसील पहुंचकर मामले की जांच-पड़ताल की है।
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गांव सिरौला, थाना जसराना निवासी विकास अपनी पत्नी शिवानी के साथ न्याय की गुहार लगाने सुबह 11 बजे तहसील पहुंचा था। विकास का आरोप है कि हल्का पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उसकी फरियाद सुनने के बजाय विपक्षी महताब पक्ष की तरफदारी कर रहे हैं। तहसील में जब उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो वह पत्नी के साथ परिसर में ही धरने पर बैठ गया। धरने के दौरान ही वह पत्नी से पानी पीने का बहाना बनाकर तहसील भवन की छत पर गया और वहां से नीचे छलांग लगा दी। घटना के बाद पीड़ित और उसकी पत्नी ने भी प्रशासनिक तंत्र पर पक्षपात करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना की जानकारी होते ही डीएम ने मौके पर एडीएम को भेजकर जांच के आदेश दिए।

यह है पूरा विवादित घटनाक्रम
घायल विकास ने बताया कि यह विवाद मौजा नगला गोकुल स्थित भूमि को लेकर 42 वर्षों से चला आ रहा है। नगला खुशहाली निवासी शोभा देवी पत्नी स्व. नत्थू सिंह के पास कुल 72 बीघा खेत था। वर्ष 1984 में उसके पिता श्रीचंद और उनके दो साझेदारों रामस्नेही व श्रीदेवी ने संयुक्त रूप से शोभा देवी से 24 बीघा खेत खरीदा। शोभा देवी ने दूसरा 24 बीघा हिस्सा प्रेमा देवी को बेचा था। हालांकि, इससे पूर्व शोभा देवी की बेटी मूला और दामाद जानकी प्रसाद ने यह पूरी जमीन अपने नाम करा ली थी। शोभा देवी ने इसके खिलाफ मैनपुरी सिविल कोर्ट में वाद दायर किया। कोर्ट ने शोभा देवी के हक में फैसला दिया। इसके बाद शोभा ने 24 बीघा जमीन पिता श्रीचंद पक्ष को बेची और 24 बीघा प्रेमा देवी को दी, जबकि शेष 24 बीघा जमीन दानपत्र के रूप में अपनी बेटी मूला को दे दी। 
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शोभा देवी द्वारा जमीन बेचे जाने के बाद बेटी मूला व जानकी प्रसाद ने पिता श्रीचंद पक्ष की 24 बीघा जमीन पर फिर से अपना दावा ठोक दिया। मैनपुरी सिविल कोर्ट में चली लंबी कानूनी लड़ाई में पिता श्रीचंद पक्ष की जीत हुई। इसके खिलाफ मूला पक्ष जब आगरा कमिश्नरी गया, तो पिता हाईकोर्ट पहुंच गए। वर्ष 1995 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिता श्रीचंद पक्ष के कब्जे वाली भूमि पर यथास्थिति (स्टे) बनाए रखने का आदेश जारी कर दिया। वर्ष 1997 में प्रेमा देवी ने भी अपना 24 बीघा हिस्सा पिता श्रीचंद को दे दिया, जिससे उनके पास 48 बीघा जमीन आ गई। विकास के अनुसार, वर्ष 2011 में जब पिता की तबीयत बिगड़ी और परिवार उनके इलाज में व्यस्त हुआ, तो दिवंगत मूला के बेटे महताब, सतीश चंद्र प्रधान, पवन कुमार आदि ने मिलकर जमीन पर कब्जा कर लिया। जब पिता श्रीचंद ने खेत जोतने का प्रयास किया, तो महताब की पत्नी गायत्री ने थाना एका में मारपीट व फसल चोरी का मुकदमा दर्ज करा दिया। हालांकि, वर्ष 2017 में अदालत ने पिता को सभी आरोपों से बरी कर दिया, लेकिन जमीन पर महताब पक्ष का कब्जा बना रहा।
 
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हालिया विवाद और प्रशासन की उदासीनता
विकास का आरोप है कि बीती 21 सितंबर को सरसों की बुवाई को लेकर दोनों पक्षों में फिर विवाद हुआ, जिसमें उसने पिता से मारपीट का मुकदमा थाना जसराना में दर्ज कराया। इसके बाद जब वह अपने खेत पर सरसों बोने गया, तो विपक्षियों ने गाली-गलौच की। विकास ने इसकी वीडियो बनाकर सीओ जसराना को भेजी और तहसील दिवस में भी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच आरोपियों ने उसकी सरसों की फसल जोतकर नष्ट कर दी। फिर से शिकायत करने पर एसडीएम जसराना ने दोनों पक्षों को खेत पर खड़ी फसल की यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। विकास का आरोप है कि दूसरे 24 बीघा (जिसमें उनके पिता साझेदार हैं) पर खड़ी धान और बाजरा की फसल काटने पर भी आरोपी विवाद कर रहे थे। हलका इंचार्ज से कोई मदद न मिलने पर बुधवार को अपनी पत्नी शिवानी के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचा था और पत्नी को धरने पर बैठाकर पानी पीने के बहाने तहसील की छत पर जाकर छलांग लगा दी।

विपक्षी महताब पक्ष का तर्क
दूसरी ओर, महताब पक्ष का कहना है कि मूल भू-स्वामी नत्थू सिंह की मौत के बाद जमीन उनकी पत्नी शोभादेवी के नाम आई थी। शोभादेवी द्वारा दूसरा घर बसाने (घरौना) के बाद वर्ष 1964 की चकबंदी के दौरान कोर्ट ने मूला देवी को एकमात्र कानूनी वारिस मानते हुए पूरी जमीन उनके नाम दर्ज की थी। महताब सिंह का तर्क है कि जब 1964 में ही मूला देवी कानूनी वारिस घोषित हो चुकी थीं, तो उसके बाद शोभादेवी द्वारा किया गया बैनामा अमान्य है।

न्याय न मिलने पर 10 सितंबर को टावर पर भी चढ़ चुका था विकास
विकास इससे पहले भी अपनी गुहार सुनाने के लिए अतिवादी कदम उठा चुका है। बीते 10 सितंबर को कस्बा जसराना के मोहल्ला बनियात स्थित एक मोबाइल टावर पर चढ़ गया था। तकरीबन दो घंटे तक युवक टावर की ऊंचाई पर डटा रहा था, जिससे नीचे मौजूद स्थानीय लोगों और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए थे। काफी देर तक मान-मनौव्वल और समझाने-बुझाने के दौर के बाद जब पुलिस ने उसकी तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज करने का आश्वासन दिया, तब जाकर वह नीचे उतरा था।

मौजा नगला गोकुल की विवादित जमीन को लेकर दोनों पक्ष अपना-अपना मालिकाना हक जता रहे हैं। उक्त जमीन पर वर्ष 1995 से हाईकोर्ट का स्टे है। मंगलवार को ही सीओ के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया था तथा लेखपाल एवं पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट प्राप्त होते ही नियमानुसार अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।- रिषभ पुंडीर, एसडीएम जसराना

 
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