आगरा-लखनऊ ग्रीन एक्सप्रेस वे के निर्माण की गति धीमी होने पर गुरुवार को यूपीडा के अधिशाषी निदेशक नवनीत सहगल ने मैनपुरी में समीक्षा की। जिले के दो प्रकरणों को शीघ्र ही निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान मैनपुरी जिले के ठेकेदारों को तलब किया था।
प्रदेश सरकार का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के निर्माण की शासन से लगातार समीक्षा की जा रही है। गुरुवार को यूपीडा के निदेशक नवनीत सहगल ने करहल स्थित सर्किट हाउस में प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में फीरोजाबाद जिले से एडीएम कर्मेंद्र सिंह ने भाग लिया। उन्होंने उरावर हस्तर्फ का मामला कोर्ट में चलने के कारण काम रुकने के संबंध में पूछताछ की गई। इसमें एडीएम ने बताया कि कोर्ट में 13 जुलाई को इसकी सुनवाई है। इसके साथ ही शिकोहाबाद तहसील क्षेत्र के बछेला-बछेली स्थिति रिलायंस के पेट्रोल पंप की पूरी या आधी भूमि ली जाए इस पर भीमंथन किया गया। इसमें ये तय किया कि अब पेट्रोल पंप से निकलने का रास्ता दिया जाएगा। क्योंकि आधीभूमि 12 करोड़ खर्च होंगे जबकि पूरी भूमि लेने पर 24 करोड़ रुपया खर्च होगा। इसके ही कारण अब आधी भूमि ली जाएगी। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।