फिरोजाबाद। काठ बाजार में लगी भीषण आग से प्रभावित दुकानदारों ने सोमवार को बाजार में धरना शुरू कर दिया। धरने पर बैठे दुकानदारों ने डीएम से मांग की है कि उन्हें पक्की दुकानें बनाने की अनुमति प्रदान की जाए। आग से प्रभावित सभी दुकानदारों को क्षतिपूर्ति दिलाने एवं आग लगाने के मामले की जांच कराके दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। धरना पर बैठे दुकानदारों ने प्रशासन को भेजे पत्र में कहा कि वह 50 वर्षों से दुकानें संचालित कर रहे हैं। इन दुकानों का किराया देते हैं इसकी रसीद भी है। लेकिन काठ बाजार की जमीन पर कुछ आसामाजिक तत्व अवैध कब्जा करना चाहते हैं उक्त लोग ही धमकाते हैं। दुकानदारों ने कहा कि 11 जुलाई 2002 को असामाजिक तत्वों ने आग लगाई थी। करोड़ों का नुकसान हुआ था। तत्कालीन जिलाधिकारी नरेंद्र भूषण ने जली 60 दुकानों का मुआवजा देने के साथ दुकानों को पक्की कराने की भी अनुमति दी थी। उस समय 72 दुकानें पक्की बन गई थीं।
आर्थिक रूप से कमजोर दुकानदार पक्का निर्माण नहीं करा सके थे। वह टिनशेड में दुकान चला रहे थे 29 अक्तूबर को जमीन खाली कराने के उद्देश्य से आसामाजिक तत्वों ने आग लगाने का काम किया है। इससे 56 दुकानों जली हैं। उन्होंने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच कराने, सभी प्रभावितों को मुआवजा दिलाने तथा जली दुकानों को पक्का निर्माण कराए जाने की मांग की है। धरना स्थल पर सांसद डाॅ. चंद्रसेन जादौन पहुंचे। दुकानदारों की वेदना सुनने के साथ जिलाधिकारी से बात की और दुकानों को पक्का कराए जाने की बात रखी। नगर आयुक्त घनश्याम मीणा दुकानदारों के बीच पहुंचें उन्होंने ट्रांसफॉर्मर को हटवाने का भरोसा दिया। वहीं वहीं सदर विधायक मनीष असीजा ने डीएम को पत्र लिखकर काठ बाजार के दुकानदारों को पक्की दुकान बनाने की अनुमति, पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने व दिवाली से पहले इन लोगों को फिर से स्थापित करने की मांग की
वहीं दुकानदारों ने चेतावनी दी जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक धरना जारी रहेगा। धरना स्थल पर भगवान सिंह झा, महेश ऐलानी, कैलाशबाबू ओझा, रामबाबू झा, राहुल शर्मा, ओमकार शर्मा, उमेश कुमार, छोटेलाल, कमल किशोर, उमेश कुमार, रोहित शर्मा, विक्की शर्मा, धर्मेंद्र कुमार, ममतेश झा, राकेश बाबू सहित काफी दुकानदार शामिल थे।