रंगभरनी एकादशी पर महिलाओं ने व्रत रखने के साथ ही पूजा अर्चना की। आंवला के पेड़ की पूजा करके पति की दीर्घायु की कामना की। मंदिरों में फूलों की होली खेली गई।
रविवार को रंग भरनी एकादशी होने के कारण महिलाओं ने व्रत रख कर आंवला के पेड़ की पूजा की। पति की दीर्घायु की कामना की गई। मंदिरों में भगवान को रंग लगाने के साथ ही पुष्पों की होली भी खेली गई। इसके साथ ही होली का रंग खेलने की शुरूआत हो गई। रविवार को बाईपास रोड पर स्थित गोपाल आश्रम प्रांगण, तिलक कालेज के प्रांगण के साथ ही घरों पर भी पूजा अर्चना का क्रम चला। रंगभरनी एकादशी के बारे में पंडित हरिओम शास्त्री ने कहा कि इस दिन से होली के त्योहार की शुरूआत हो जाती है। प्रत्येक घर में सुहागिन व्रत रखने के साथ आंवला की पूजा करती हैं और पुष्पों या रंग से भगवान के साथ होली खेलतीं हैं। इसके साथ होली का क्रम प्रारंभ हो गया। मंदिर श्री बांके बिहारी महाराज एवं द्ववारिकाधीश महाराज में होली की शुरूआत होगी।