राजस्व विभाग भी डिजिटलाइजेशन की ओर कदम बढ़ा रहा है। खतौनी की आनलाइन नकल की तर्ज पर अब भूमि के नजरी नक्शे भी एक क्लिक पर मिलेंगे। इसके लिए कलक्ट्रेट के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी बल्कि स्थानीय तहसील पर इसे आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा। मानचित्र के डाटा डिजिटलाइजेशन का काम जिले में 15 जनवरी से प्रारंभ होगा। जिले के राजस्व विभाग के अफसरों व स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया।
एडीएम कर्मेंद्र सिंह की अध्यक्षता में नगर निगम के पालीवाल आडिटोरियम प्रांगण में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान मैप के डाटा का डिजिटलाइजेशन करने वाली दिल्ली की कंपनी मैप माई इंडिया के अमित बंसल ने कहा कि जिले के प्रत्येक मैप को आप एक वर्ष के बाद आसानी से कंप्यूटर पर देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि टूंडला तहसील से इसकी शुरूआत होगी। कलक्ट्रेट प्रांगण में स्थित इसी तहसील के प्रत्येक मानचित्र को पहले आगरा पहुंचाना होगा। उसको स्कैन कराने के बाद कंप्यूटर पर नया मानचित्र तैयार होगा। तहसील की टीम के द्वारा उसका दोबारा से मिलान किया जाएगा। मिलान होने के बाद ही उक्त कंपनी के द्वारा सीडी के साथ, मैनुअल उपलब्ध कराया जाएगा। एडीएम ने बताया कि मानचित्र को तहसीलों में उपलब्ध खतौनी से भी मैच करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा यह काम 15 जनवरी से प्रारंभ होकर दिसंबर 2016 के बाद समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रयोग के तौर पर प्रदेश के पांच जिलों में काम पूर्ण भी हो गया है। जिले में शुरूआत टूंडला तहसील से होगी। इसके लिए तहसीलदार या नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम गठित की जाएगी। इसमें दो लेखपाल एवं दो कानूनगो को शामिल किया जाएगा। यदि किसी क्षेत्र में चकबंदी चल रही है तो वहां के चकबंदी लेखपाल को भी शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान एसडीएम सदर रवींद्र मांदड, टूंडला डा. पंकज वर्मा के साथ जसराना अमित सिंह, शिकोहाबाद चंद्रभानू सिंह, सिरसागंज राजेश यादव, तहसीलदार जीत सिंह राय के साथ जिले के सभी लेखपाल एवं कानूनगो मौजूद थे।