फिरोजाबाद। स्कूलों में प्रवेश का फर्जीवाड़ा अब नहीं हो सकेगा। स्कूलों में नाम लिखाने वाले छात्रों को ट्रेस करने में जुलाई से आसानी होगी। प्रत्येक छात्र-छात्राओं का एक यूनिक आईडी (यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर) नंबर बन रहा है। जिले के आठ लाख छात्रों में पांच लाख से अधिक का यूनिक आईडी बन चुका है।
अब यदि बच्चे का एडमिशन प्रदेश के किसी भी स्कूल में कक्षा-एक में होता है तो उसी समय उसका यूनिक नंबर तय होगा। वही यूनिक आइडी उसकी अंतिम शिक्षा यानी इंटरमीडिएट,स्नातक, परास्नातक आदि तक चलता रहेगा। जुलाई तक यू- डायस प्लस पर सारी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और अगस्त तक यूनिक आईडी का नंबर तय हो जाएगा। बीएसए आशीष पांडेय ने फीडिंग की प्रक्रिया पूरी हो रही है। बताया कि इस यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर में छात्रों की पूरी कुंडली होगी। छात्र किसी भी स्कूल में या किसी भी शहर में पढ़ाई कर रहा हो उसे इसी नंबर के जरिए आसानी से ट्रेस किया जा सकेगा।
अक्सर देखा जाता है कि अभिभावक अपने बच्चों का नाम परिषदीय स्कूलों के साथ-साथ प्राइवेट स्कूलों में भी करा देते हैं। इससे विभाग के पास छात्रों की सही गणना नहीं हो पाती है। इस व्यवस्था के शुरू हो जाने से छात्र को सिर्फ एक स्कूल में दाखिला मिल सकेगा।