फिरोजाबाद। जिले 50 और विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के सिर पर मंडराता खतरा अब टल जाएगा। क्योंकि जिले के 50 परिषदीय स्कूलों का नए सिरे से पुन: र्निर्माण होगा। इसमें 47 प्राथमिक व तीन उच्च प्राथमिक शामिल हैं। एक प्राथमिक विद्यालय को बनाने में 13.8 लाख एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए 27.78 लाख खर्च किए जाएंगे। करीब 755.95 लाख रुपये की स्वीकृति देकर शासन ने नए भवनों को बनाने के लिए हरी झंडी दे दी है। पिछले सत्र में इन विद्यालयों को ध्वस्त किया जा चुका है। अभी कार्यदाई संस्था का चुनाव किया जाना है।
पिछले सत्र में जर्जर हो चुके 50 विद्यालय भवनों को ध्वस्त किया गया था। साथ ही इसकी नीलामी भी कर दी गई थी। इन विद्यालयों भवनों के नए सिरे से पुन:निर्माण के लिए बेसिक शिक्षा कार्यालय स्तर पर शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। वहां से 50 प्राथमिक व तीन उच्च प्राथमिक विद्यालय भवनों के बनाए जाने को मंजूरी मिली है। प्राथमिक विद्यालयों के पांच मीटर चौड़ाई एवं छह मीटर लंबाई वालो दो कमरे, एवं आफिस चार गुणा तीन मीटर लंबाई व चौड़ाई में तथा बरामदा दो गुणा सात मीटर बनना प्रस्तावित हुआ है। एक विद्यालय भवन पर लागत 13.81 लाख रुपये खर्च किया जाएगा। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय भवन में चार कमरे, एक आफिस व बरामदा होगा। इस पर 23.78 लाख रुपये खर्च होंगे।
- जिले में करीब 180 विद्यालय भवनों को ध्वस्तीकरण प्रक्रिया के लिए चयनित किया गया है। इसमें अधिकांश विद्यालय ध्वस्तीकरण हो चुके हैं। इसके बाद इसके मलबे को नीलाम कर दिया गया। अब यह भवन नए सिरे से बनेंगे, जिसे शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है। जल्द ही कार्यदायी संस्था का चयन कर इनके निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। नए भवनों के बन जाने से विद्यार्थियों के पठन-पाठन में सहूलियत होगी। - आशीष पांडेय, बीएसए फिरोजाबाद
स्कूलों की स्थिति एक नजर में
- जिले में जर्जर भवनों की संख्या - 180
- बीते चार साल में बने नए भवन - 90
- इस साल नए विद्यालय भवनों को मिली स्वीकृति - 50