प्रेम संबंध में बाधक बनने पर पत्नी द्वारा अपने प्रेमी और उसके साथियों से मिलकर पति की निर्मम हत्या कराए जाने के जघन्य मामले में एडीजे विशेष एससी-एसटी नवनीत कुमार गिरि की अदालत ने सोमवार को चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पत्नी को एक लाख रुपये, अन्य तीनों को 1.10-1.10 लाख रुपये अर्थदंड की भी सजा सुनाई है।
थाना उत्तर में दर्ज मुकदमे के अनुसार, थाना रामगढ़ क्षेत्र के सरजीवन नगर सैलई निवासी जॉनी (27) की हत्या उसकी पत्नी ज्ञानवती ने प्रेमी पचोखरा के जारखी निवासी जय सिंह यादव, प्रेमी के दोस्त टूंडला के मदावली निवासी योगेश, प्रांशु के साथ मिलकर 16 मई 2024 को की थी। जॉनी की पत्नी ज्ञानवती शादी पार्टियों में फूल फेंकने का काम करती थी और जय सिंह उन्हीं कार्यक्रमों डीजे व सजावट कराने का काम करता था।
वहीं दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए थे। जय सिंह और ज्ञानवती ने एक होने के लिए जॉनी की हत्या की योजना बनाई थी। 16 मई को जॉनी बेलदारी करने के लिए टापा कलां गया था। तय साजिश के अनुसार उसी दिन शाम को जय सिंह अपने दोनों साथियों के साथ ककरऊ कोठी चौराहे पर पहुंच गया था। उसने जॉनी को भी बुला लिया था और एक ही बाइक पर सोफीपुर यमुना में नहाने चले गए थे।
नहाने के बाद उन्होंने जॉनी को शराब पिलाई और बाइक से वापस आने लगे। जय सिंह बाइक चला रहा था। बीच में जॉनी बैठा था, तभी योगेश और प्रांशु ने पीछे से उसके गले में गमछा डालकर हाथ पैर पकड़कर उसका गला दबा दिया था। जॉनी को मौत के घाट उतारने के बाद बाइक से ही मक्खनपुर से नए हाईवे से चनौरा पुल होते हुए नारखी के गांव दौलतपुर के पास स्थित खाली प्लाट में पहुंचे और वहां भूसे में शव को छिपा दिया था। इसके बाद तीनों टूंडला टोल स्थित ढाबे पर खाना खाया और पूरे मामले की जानकारी ज्ञानवती को दी थी।
पत्नी ने ही पति और प्रेमी के बीच कराई थी दोस्ती
जय सिंह यादव और ज्ञानवती की मुलाकात शादी, पार्टियों के कार्यक्रम हुई थी। दोनों में प्यार हो गया। प्रेमी को घर बुलाने के लिए पत्नी ज्ञानवती ने जय सिंह यादव की मुलाकात पति से करा दी थी। इसके बाद जय सिंह आए दिन जॉनी को शराब पिलाने के साथ आर्थिक मदद भी करता रहा। जॉनी को दोनों के प्रेम संबंध की बात पता चल गई थी। इसका वह विरोध करने लगा था। इसी विरोध के चलते जॉनी की हत्या की गई।
शातिर ज्ञानवती ने पुलिस और परिवार को गुमराह करने के लिए जॉनी की हत्या के बाद उसकी गुमशुदगी थाना उत्तर में 18 मई 2024 को गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। पुलिस ने इस पूरे मामले को पत्नी की कॉल डिटेल, ककरऊ कोठी के पास लगे एक सीसीटीवी से प्राप्त फुटेज, जिसमें जॉनी को ले जाते हुए आरोपी दिख रहे थे। उनके आधार पर किया था। 19 मई 2024 को मृतक जॉनी के भाई लकी ने अपनी भाभी, उसके पति व दोस्तों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
ये भी पढ़ें-
UP: पांच साल के मासूम की गड्ढे में गिरकर माैत...घर के बाहर दोस्तों के साथ खेल रहा था, परिवार में मचा कोहराम