जीआरपी को घटना की जानकारी देता विवेक यादव
- फोटो : जीआरपी को घटना की जानकारी देता विवेक यादव
टूंडला। इंटर पास करने के बाद गाजियाबाद में नौकरी करते हुए छात्र को ऑनलाइन गेम की लत गई। स्वयं के वेतन के अलावा पिता से मोबाइल में डलवाए रुपये भी वह गेम में हार गया। छुट्टियां खत्म होने पर नौकरी छोड़ घर लौट रहे छात्र ने ऐसी कहानी तैयार की कि पुलिस भी चकरा गई। छात्र ने ट्रेन में बदमाशों द्वारा नकदी, मोबाइल और बैग लूटने के साथ ट्रेन से फेंकने की पुलिस में तहरीर दे दी। पुलिस ने घटना की जांच की तो पूरी कहानी सामने आ गई।
फिरोजाबाद के थाना मक्खनपुर के गांव किशनपुर निवासी विवेक यादव (19) ने इसी वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है। छुट्टियों में वह गांव के अन्य लड़कों के साथ गाजियाबाद प्राइवेट नौकरी करने चला गया था। मंगलवार रात्रि वह गाजियाबाद से घर आने के लिए वैशाली एक्सप्रेस के साधारण कोच में सवार हुआ था। रात्रि दो बजे करीब उसने राजकीय रेलवे पुलिस को सूचना देते हुए तहरीर दी कि ट्रेन रात्रि 12 बजे करीब टूंडला स्टेशन से पूर्व आउटर पर पहुंची तभी ट्रेन की गति धीमी हो गई। इसी बीच ट्रेन में पहले से सवार बदमाशों ने उसका बैग, मोबाइल व नगदी छींन ली। इसके साथ ही मोबाइल पर क्यूआर कोड के माध्यम से उसके रुपए निकाल लिए।
उसने विरोध किया तो उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। गनीमत थी कि ट्रेन की गति धीमी थी अन्यथा उसकी जान भी जा सकती थी। ट्रेन में लूट की घटना से जीाआरपी में हड़कंप मच गया। तत्काल पुलिस ने विवेक को साथ लेकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उसके मोबाइल की लोकेशन आदि की जांच शुरू कर दी। जीआरपी प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि क्यूआर कोड से रुपये ट्रांसफर की कहानी से उन्हें शक हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने जो कहानी सुनाई उसे सुन दंग रह गए।
ऑनलाइन गेम में हार गया था स्वयं व पिता से लिए रुपये
पुलिस को विवेक यादव ने बताया कि वह ऑनलाइन गेम खेलने का आदी हो गया था। गेम खेलते हुए वह अपना वेतन ही नहीं पिता रामकुमार से लिए 30 हजार रुपये भी गेम में हार गया था। छुट्टियों में नौकरी के बाद उसे ग्रेजुएशन करने के लिए एडमीशन लेना था। इसलिए वह मंगलवार को वेतन मिलने के बाद वैशाली एक्सप्रेस से ट्रेन में सवार हो गया था। पिता द्वारा रुपये वापस मांगने को लेकर उसने ट्रेन में ही लूट की कहानी रच ली। वैशाली एक्सप्रेस रात्रि 12 बजे करीब आउटर पर पहुंचकर धीमी हो गई। जहां वह उतर गया। उसने बैग को झाड़ियों में फेंक दिया तथा अप लाइन पर स्वयं ही मोबाइल को तोड़ दिया। इतना ही नहीं उसने सिर पर पत्थर मारकर स्वयं को घायल कर लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि छात्र द्वारा रची गई इस कहानी से परिजन भी हतप्रभ हैं।