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खारा है पानी, लोहा गल जाता है लेकिन दाल नहीं गलती

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फिरोजाबाद। हाथवंत ब्लॉक और इससे जुडे़ मजरों के लोग खारे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। इन गांवों का पानी पीने योग्य नहीं हैं। पानी इतना खारी है कि दाल नहीं गलती है, चाय बनाने पर दूध फट जाता है और हैंडपंप के लोहे के पाइप गलने से बोरिंग फेल हो जाती है। पानी की टंकी से पूरे गांव को आपूर्ति नहीं मिल रही है। मजबूरी में गांव के लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है।
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हाथवंत के अलावा पोपगढ़, कुबेरपुर, ककरारा बनवीरपुर कुढ़ी में यह समस्या एक दशक से है। यहां पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक है। पानी पी नहीं सकते। लोगों ने हैंडपंप लगाए तो पाइप गलने से बोरिंग बेकार हो गए। जल निगम द्वारा लगाए गए हैंडपंप भी खराब पडे़ हैं। पानी की टंकी को डीप बोर नलकूप से जोड़ा गया है, लेकिन टंकी की आपूर्ति आसपास के मजरों तक नहीं पहुंच पाती है।
जहां जलापूर्ति हो रही है वहां के लोग इसे पीने में इस्तेमाल नहीं करते। उनका कहना है कि टंकी की सफाई नहीं होती। इसलिए पानी खरीदकर पीना पड़ता है। करीब 15 हजार की इस समस्या से जूझ रही है। यहां करीब 30 निजी सबमर्सिबल पंप हैं। बोरिंग करीब 300 फीट तक कराईं, लेकिन तब भी पानी पीने लायक नहीं निकला।
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न पी सकते और न चाय बना सकते
पानी खारा होने से चाय बनाने के दौरान दूध फट जाता है। दाल गलती नहीं है। पेट खराब हो जाता है। इसलिए पानी खरीद कर ही पीते हैं।
राहुल कुमार, हाथवंत
पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है। हाथवंत में मेरी दुकान है। गांव में पानी इतना खारा है कि मुंह में डालते ही कड़वाहट होने लगती है।
ओमप्रकाश, नगला किरार
गांव में पानी की गंभीर समस्या है। हैंडपंप काम नहीं करते हैं। जो निजी सबमर्सिबल पंप से पानी लेते हैं। गांव में पेयजल टंकी लगाई जाए।
सत्येंद्र कुमार, पोपगढ़
छोटी टंकियां भी फेल
गांव पोपगढ़ में नलकूप के साथ दो छोटी टंकियां लगाई गई थीं, लेकिन ये टंकियां भी बंद पड़ी हैं। नलकूपों की बोरिंग फेल हो गई। पूरे गांव में पाइप लाइन तक नहीं डाली गई। जिन क्षेत्रों में पाइप लाइन डाली भी गई वह चालू नहीं हुई है।
जल निगम ने शासन को भेजा प्रस्ताव
हाथवंत क्षेत्र के जिन गांवों में खारे पानी की समस्या है, उन क्षेत्रों में पहले से जो पेयजल योजनाएं हैं उन्हें ही ठीक किया जाना है। जहां नहीं है वहां पाइप लाइन डालनी है। खराब नलकूप ठीक कराए जाएंगे। इसके लिए दो महीने पहले ही शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू किया जा सकेगा।
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-ओमवीर दीक्षित, एक्सईएन जल निगम ग्रामीण।
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