फिरोजाबाद। जिला अस्पताल परिसर में कहीं पर भी पानी की व्यवस्था नहीं है। यहां पर जो प्याऊ है, उन पर धूल जमी हुई, नल टूट चुके हैं। शीतल जल की मशीनें शोपीस बनी है। मरीज और उनके तीमारदार बाहर से खरीदकर पानी पीने को मजबूर है।
जिला अस्पताल परिसर में कहीं पर भी पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। सरकारी ट्रॉमा सेंटर में एक सामाजिक संगठन द्वारा प्याऊ का निर्माण करीब तीन वर्ष पूर्व कराया गया था, लेकिन यह प्याऊ आज तक शुरू नहीं हो सकी। स्थिति यह है कि इसके नल भी टूट चुके हैं। जबकि यहां पर काफी संख्या में मरीज और तीमारदारों का आना-जाना रहता है। जिला अस्पताल परिसर के अंदर कहीं पर भी पानी का साधन नहीं है। गेट नंबर दो के पास बनी प्याऊ भी बंद पड़ी है। गेट नंबर एक के सामने लगी शीतल जल की मशीन खराब पड़ी है।
पुराने पोस्टमार्टम हाउस के पीछे लगी शीतल जल की मशीन कंडम हो चुकी है। टीबी अस्पताल से जिला अस्पताल की ओर जाने वाले मार्ग पर दो स्थानों पर नल लगे है, लेकिन वह भी बंद पड़े है। ऐसे में अस्पताल आने जाने वाले मरीज और तीमारदार पानी की बोतल अथवा पाउच खरीदकर पीने के लिए विवश है।
घर से पानी लाता है स्टाफ
जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ की माने तो जिला अस्पताल परिसर में पानी का साधन न होने के कारण वह घर से ही बोतल लेकर आते है।
ब्लड बैंक के समीप लगा है आरओ प्लांट
जिला अस्पताल के अंदर वार्ड संख्या दो और तीन के सामने ब्लड बैंक के पास आरओ प्लांट लगा है। अस्पताल बंद होने के बाद मरीज और तीमारदार आरओ का पानी उपलब्ध नहीं हो पाता। ऐसे में लोग या तो बाजार से पानी खरीदकर पीते है या फिर घर से बोलत में भरकर लाते है।
प्रतिदिन बनते है एक हजार से अधिक पर्चे
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या पर गौर किया जाए तो प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज आते है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मरीजों को पानी उपलब्ध कराने के लिए कोई पहल करते नजर नहीं आते।