- जिले में करीब तीन लाख मतदाताओं की नहीं हो सकी मैपिंग,रविवार को बूथों पर बीएलओ ने दी दस्तक
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। विधानसभा मतदाता सूची के प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में मतदाताओं की मैपिंग कराने में बीएलओ को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश महिला मतदाता अपने माता-पिता या परिवार के सदस्यों के ही माध्यम से मैपिंग कराने में जुटे है। ताकि मतदाता सूची में उनका नाम शामिल हो सके। बीएलओ के द्वारा रविवार को अवकाश होने के बाद भी बूथों एवं मोहल्लों में जाकर सूची को खंगाला गया।
विधानसभा निर्वाचक नामावली के प्रगाढ़ पुनरीक्षण का काम लगभग पूर्ण हो गया है। लेकिन बीएलओ के साथ-साथ सुपरवाइजर एवं ईआरओ के द्वारा इन दिनों जो मतदाता स्थानांतरित दर्शाए गए हैं उनका मिलान करने के साथ मैपिंग का काम किया जा रहा है। रविवार को अवकाश होने के बाद भी अधिकारी के साथ बीएलओ बूथों की ओर दौड़ते रहे। बीएलओ के द्वारा जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पा रही है उनसे संपर्क साधा जा रहा है। इनमें अधिकांश महिला वोटर अधिक हैं क्योंकि अधिकांश का मिलान को उनके (मायकापक्ष) के वोटरों के माध्यम से होना है। इसके कारण वह रिश्तेदारों को फोन करके 2003 में अपने मायका पक्ष के लोगों के नाम खोजकर बीएलओ को थमा रहे हैं। कुछ बीएलओ जानकारी होने के कारण जल्दी खोज लेते हैं। वहीं कुछ को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसमें सुपरवाइजर के साथ अन्य अधिकारी एवं उनकी टीम की ओर से भी सहयोग किया जा रहा है। इसके कारण नो मैपिंग वाले मतदाताओं की संख्या कम होने लगी है।
बोले वोटर.....
- बीएलओ के द्वारा दिए गए फार्म को भरवा दिया था। लेकिन 2003 की मतदाता सूची में नाम नहीं होने के कारण परिवार के सदस्यों एवं रिश्तेदारों के नाम खोजकर बीएलओ को दिए हैं ताकि मैपिंग हो सके।
कुसुम चतुर्वेदी, ओम कॉलोनी
-मेरे परिवार के सदस्यों के नाम तो कमला नेहरू बूथ पर मिल गए हैं। लेकिन मेरे नाम की मैपिंग कराने को मायके पक्ष की 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजकर बीएलओ को भेज रहे है। क्योंकि रिश्तेदारों के वोट होने पर भी मैपिंग हो जाती है।
रीना देवी, टापाकलां
विधानसभा - बिना मैपिंग वाले वोटर-
टूंडला -57489
जसराना -45778
फिरोजाबाद -92296
शिकोहाबाद -66205
सिरसागंज -39169
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कुल -300937
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-मतदाताओं की मैपिंग कराने के साथ स्थानांतरित होने वाले मतदाताओं का भी चिह्नांकन का काम काफी तेजी से किया जा रहा है। मैपिंग होने के साथ नोटिस देने वाले वोटरों की संख्या कम हो जाएगी। इसी कवायद में पूरी टीमें जुटी हुई हैं।
विशुराजा, एडीएम एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी