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घर-घर फैल रहा वायरल बुखार, कोरोना का न पालें भ्रम

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हाथवंत वायरल बुखार फैलने की सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों के स्वास्थ्य का परीक्ष? - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। कोरोना संक्रमण के बीच लोग अब वायरल फीवर का शिकार हो रहे हैं। शहर से लेकर कस्बों तक बुखार का प्रकोप फैला है। अस्पतालों में काफी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। वायरल बुखार को कोरोना समझ कर लोग सहमे हुए हैं। हालांकि डाक्टरों का कहना है कि सामान्य खांसी-बुखार को लेकर कोरोना का भ्रम न पालें। मौसमी बदलाव के कारण वायरल बुखार फैल रहा है।
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इसमें घबराने की नहीं, इलाज कराने की जरूरत है। शहर की पॉश कॉलोनी, मलिन बस्तियों से लेकर देहात तक घर-घर लोग वायरल बुखार से पीड़ित हैं। कोरोना के डर से लोग सरकारी अस्पतालों के बजाय निजी चिकित्सकों पर वायरल फीवर का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की फ्लू ओपीडी में 150 से 200 मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। निजी चिकित्सकों के यहां 50 से 60 मरीज वायरल फीवर के पहुंच रहे हैं।
डरें नहीं, बुखार मौसमी वायरल हो सकता है
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार ने बताया की इन दिनों ओपीडी में बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। हालांकि लक्षणों के आधार पर कोरोना की जांच कराई जाती है, लेकिन जांच में निगेटिव आने पर पता चलाता है कि नार्मल फ्लू है। ऐसे में किसी को बुखार या खांसी या अन्य दिक्कत हो रही है तो डरने की जरूरत नहीं हैं। ये मौसमी वायरल हो सकता है।
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वायरल बुखार, कोरोना के लक्षण अलग-अलग
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नीरज गुप्ता ने बताया कि नार्मल फ्लू में सर्दी, जुकाम, बदन दर्द, बुखार जैसे लक्षण होते हैं, जबकि कोरोना वायरस की वजह से सूखी खांसी, सांस लेने में दिक्कत, गले में चुभन जैसी परेशानी होती है। इसके अलावा गंध और स्वाद महसूस न होना भी कोरोना का लक्षण है। मरीज की सुनने की क्षमता पर भी प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में घबराएं नहीं।
बच्चों में रखें खास खयाल
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पुरुषोत्तम भाटिया बताते हैं कि ऐसे मौसम में बच्चों का खास खयाल रखने की जरूरत है। अगर घर में कोई सदस्य वायरल से पीड़ित है तो बच्चे को उसके संपर्क में न आने दें। क्योंकि बच्चे वायरल के जल्दी शिकार हो जाते हैं। कूलर, एसी में बच्चों को न सुलाएं। अगर कोई बच्चा बुखार से पीड़ित है तो उसे तुरंत ही चिकित्सक को दिखाएं।
इम्युनिटी के चक्कर में खुद को न करें बीमार
आयुष विंग के चिकित्सक डॉ. पत्रशांत अग्रवाल कहते हैं कि रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाने के चक्कर में स्वास्थ्य से खिलवाड़ न करें। विटामिन-सी की 500 एमजी की दो गोली, जिंक की 20 एमजी की एक गोली का ही प्रति दिन सेवन करना ठीक है। एंटीबायोटिक या अन्य किसी दवा का सेवन बिना चिकित्सक की सलाह के करना हानिकारक हो सकता है। मल्टीविटामिन गोलियों का सेवन भी लंबे समय तक न करें। काढ़ा भी संतुलित मात्रा में ही पिएं। एक दिन में इम्युनिटी नहीं बढ़ती है। इसके लिए नियमित व्यायाम करें, पौष्टिक आहार लें, तनाव दूर रखें, समय पर भोजन करें और पूरी नींद लें।
काढ़ा पीने के बाद दिखें ये लक्षण, तो बंद करें सेवन
यदि कोई इम्युनिटी बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय द्वार बताए गए काढ़े का रोजाना सेवन कर रहा है और उसे अपने शरीर में ये 5 लक्षण दिख रहे हैं, तो उसे काढ़ा पीना तुरंत बंद कर देना चाहिए।
- नाक से खून आना।
- मुंह में छाले होना।
- पेट में जलन या दर्द होना।
- पेशाब में जलन होना।
- अपच और पेचिश होना।
बुखार पीड़ित लोगों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव
खैरगढ़। शनिवार को कस्बा हाथवंत में वायरल फीवर फैलने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम रविवार को पहुंच गई। टीम ने कैंप लगाकर कोरोना की जांच की। 70 लोगों की की जांच एंटीजन किट से की गई। शनिवार को यहां एक युवक की मौत भी हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग के डॉ. रजनीकांत के निर्देशन में लोगों की कोरोना जांच की गई। जो लोग बुखार से पीड़ित थे और कोरोना जांच में निगेटिव आए। उन्हें स्वास्थ्य विभाग ने वायरल फीवर की दवा दी।
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