फिरोजाबाद के जसराना में मंगलवार रात गांव नगला जाट में पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए अनोखी पूजा का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने पहले हवन-पूजन किया और उसके बाद झावे में आग लेकर ऊंची आवाजों के साथ पूरे गांव में परिक्रमी की।
ग्रामीणों की मान्यता के अनुसार हवन में आयुर्वेदिक लोबान, गंधक, सरसों का तेल, रार और गुग्गल का प्रयोग किया गया। हवन की अग्नि को लेकर युवक गांव-गांव पशुओं के सामने दौड़ते हुए गए। इस दौरान बच्चों और युवाओं ने 'जय बजरंग बली' और 'जय माता दी' के उद्घोष किए।
कार्यक्रम के प्रमुख महेंद्र सिंह जाट ने बताया कि बारिश के मौसम में गलियों और मोहल्लों में जलभराव और कीचड़ से पशुओं में खुरपका, मुंहपका जैसी बीमारियां फैल जाती हैं। वहीं, सत्यवीर सिंह जाट ने जानकारी दी कि वर्षों से चली आ रही यह परंपरा बीच में बंद हो गई थी। पशुओं की बीमारियों को ध्यान में रखते हुए 6 साल बाद इसे फिर से शुरू किया गया है। इस दौरान भीड़ देखकर शिकोहाबाद-मुस्तफाबाद मार्ग पर देर रात निकलने वाले लोग भी हैरान रह गए।