- डबल किराए की मार और ऑटो का मनमाना सफर
खैरगढ़। क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीणों ने हाथवंत से फिरोजाबाद जाने वाले मुख्य मार्ग पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (रोडवेज) की बसें चलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवहन के समुचित साधन न होने से छात्रों, श्रमिकों और सरकारी कर्मचारियों को भारी आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फिरोजाबाद से मुस्तफाबाद मार्ग की कुल लंबाई 22 किलोमीटर है, जिसमें हाथवंत एक प्रमुख केंद्र है। वर्तमान में ग्रामीणों को ऑटो का सहारा लेना पड़ता है। ऑटो चालक फिरोजाबाद शहर तक जाने के बजाय सवारियों को 12 किलोमीटर दूर सैलई पर ही उतार देते हैं। वहां से बस पकड़ने या शहर के मुख्य हिस्से तक जाने के लिए ग्रामीणों को पुनः अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ता है, जिसके लिए 25 रुपये तक अतिरिक्त किराया वसूला जाता है। जबकि हाथवंत में विकासखंड कार्यालय, बीआरसी केंद्र, साधन सहकारी समिति और पास ही नंदपुर जेड़ा जाल परियोजना स्थित है।
यहां कनवारा, पोपगढ़, रैपुरा, दपामई, अकबरपुर, नंदपुर कोड़र, और रैना भकार जैसे गांवों से सैकड़ों छात्र-छात्राएं, श्रमिक और ग्रामीण प्रतिदिन आते-जाते हैं। सरकारी कर्मचारियों को भी आवाजाही में खासी दिक्कत होती है। सर्वे कराकर बस चलाने की मांग राजेंद्र कुमार, गौरव कुमार, शंकर लाल, विपिन कुमार, प्रदीप कुमार, रघुवीर सिंह, अमित कुमार और मनोहर लाल सहित अन्य ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उक्त मार्ग का सर्वे कराकर तत्काल रोडवेज बसें संचालित की जाएं, ताकि आमजन को सुगम और सस्ता परिवहन मिल सके।