शिकोहाबाद। मुठभेड़ के बाद नसीरपुर पुलिस की कार्रवाई से हरिहा गांव में दहशत का माहौल है। इस घटना के मुख्य आरोपी अभी तक पुलिस हिरासत से दूर हैं। जबकि ग्रामीणों ने पुलिस पर निर्दोष युवक को पकड़ने एवं ग्रामीणों को नाजायज सताने का आरोप लगाया है।
वन विभाग की टीम और लकड़ी तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद दूसरे दिन गांव में जाकर पड़ताल की, तो ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम से परदा उठा दिया। एक ग्रामीण ने वन विभाग की टीम पर ही आरोप लगाए हैं। जबकि अन्य ग्रामीणों ने भी नसीरपुर पुलिस पर मनमानी करते हुए निर्दोष ग्रामीणों को परेशान करने का आरोप लगाया है।
मंगलवार की शाम सात बजे करीब काफी संख्या में पुलिसकर्मी गांव में आए थे। जिन्होंने हमारे पड़ोस के घर में घुसकर गाली-गलौज करते हुए तोड़फोड़ की। एक अन्य घर में भी पुलिस ने तोड़फोड़ की थी। सरोज देवी, ग्रामीण
इस पूरी घटना को सिर्फ तीन परिवार के लोगों ने ही अंजाम दिया था। मेरा भतीजा धु्व तो घटना के समय खेत पर था। पुलिस ने दतावली की पुलिया के समीप से उसे बेवजह पकड़ लिया और उसकी मुठभेड़ कर पैर में गोली मार दी। उसे पुलिस ने सरासर गलत फंसाया है। - रामऔतार, ग्रामीण
मैं घर पर अकेली थी। तभी शाम के समय पुलिस आ गई। पुलिस ने घर में घुसकर फ्रिज, पंखा, गैस चूल्हा आदि तोड़ डाला। साथ ही जमकर गाली-गलौज की। इस वजह से मैं मकान पर ताला लगाकर अलग रह रही हूं। - मंजू देवी, ग्रामीण
मेरे घर पर आकर पुलिस ने तोड़फोड़ करने के साथ ही गाली-गलौज की और घर के बाहर बंधी हुई गाय तथा ऊंट को खोल दिया और उन पर भी लाठियां बरसाईं। घर के चूल्हे तक तोड़ डाले। - रूबी देवी, ग्रामीण