पुलिया और सड़क निर्माण को लेकर लोगों ने आंदोलन किया
लाइन पार क्षेत्र में बरसात से ध्वस्त पुलियाओं का निर्माण न होने से ग्रामीणों का आक्रोश गुरुवार को टूट गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए शासन-प्रशासन का पुतला फूंका और जल्द निर्माण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
पिछले दिनों हुई बरसात में पानी के बहाव के साथ क्षेत्र की सात पुलिया और सड़कें ध्वस्त हो गई थीं। इनमें से ठार नाथू से गढ़ी थानी होकर टूंडला जाने वाली पुलिया भी टूटकर बह गई थी। बरसात थमने के बाद लोक निर्माण विभाग ने ध्वस्त सभी पुलियाओं और सड़क निर्माण के लिए जेसीबी और पाइप भिजवा दिए थे लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। इससे ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतें हुईं। पुलिया निर्माण के लिए सामग्री आई तो ग्रामीणों को आस बंधी लेकिन गुुरुवार को ठार नाथू की पुलिया के लिए लाए गये पाइप कर्मचारी वापस ले जाने लगे। जानकारी पर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद कर्मचारी सामान उठा ले गये। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए शासन-प्रशासन का पुतला फूंका तथा अतिशीघ्र पुलिया और कटी सड़कों का निर्माण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। पुतला दहन और चेतावनी देने वालों में धनीराम, मुरारीलाल, भोजराज, साहब सिंह, देवकी नंदन, रघुवीर सिंह, मटरे लाल, ओमप्रकाश, अजब सिंह, सोबरन सिंह, कैलाशी राम,, किशन लाल, श्रीराम, मुलिया देवी, हरदेवी, भगवान देवी, शीला देवी, पूनम, मालती, गुड़िया, विमला आदि मौजूद रहे।
फोटो-टूंडला के गांव ठार नाथू पुलिया पर नारेबाजी कर शासन-प्रशासन का पुतला फूंकते ग्रामीण