भीषण गर्मी के मौसम में प्यासी जनता सड़कों पर भटकने को मजबूर है तो वहीं दूसरी ओर शहर में अवैध रूप से चल रहे वाहन धुलाई सेंटरों पर हर रोज हजारों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है। पेयजल संकट को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने वाहन धुलाई सेंटरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
सुहागनगरी में अप्रैल माह से शुरू हुआ पेयजल संकट काबू में नहीं आ रहा है। नगर निगम व जलनिगम के संसाधन जनता की प्यास नहीं बुझा पा रहे हैं। लगातार गिरते जलस्तर तथा बिजली की अघोषित कटौती के चलते पेयजल संकट दिनोंदिन गंभीर होता जा रहा है। प्यासी जनता सड़कों पर भटक रही है। हर रोज सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रही है। दिन-रात जागने के बाद भी पानी का इंतजाम मुश्किल से हो रहा है। इधर शहर में कई स्थानों पर अवैध रूप से वाहन धुलाई सेंटर चल रहे हैं। वाहनों की धुलाई में हर रोज हजारों लीटर पानी नालियों में बहा दिया जाता है। नगर आयुक्त रामऔतार रमन के निर्देश पर जलकल विभाग की टीम ने शहर में सर्वे करने के साथ अवैध रूप से चल रहे वाहन धुलाई सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। जलकल विभाग द्वारा शहर में आधा दर्जन वाहन धुलाई सेंटरों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जलमूल्य प्रभारी राजीव दीक्षित ने बताया कि डाकबंगला निवासी कमरुद्दीन, लीलाधर, पैमेश्वर गेट निवासी अबरार, मालवीय नगर निवासी स्थित जय माता दी धुलाई सेंटर सहित सभी आधा दर्जन धुलाई सेंटरों को 14,400-14,400 जुर्माना भरने के निर्देश दिए हैं। जुर्माना अदा न करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घरेलू कनेक्शनों से ही चला रहे धुलाई सेंटर
शहर में कई स्थानों पर वाहन धुलाई सेंटर चल रहे हैं। इसमें कुछ लोग प्राइवेट सबमर्सिबल लगाकर वाहनों की धुलाई कर पानी की बर्बादी कर रहे हैं तो काफी संख्या में लोग घरेलू पेयजल कनेक्शनों से ही धुलाई सेंटर चला रहे हैं। जलकल विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिसों में यह बात भी सामने आई है।