यमुना किनारे स्थित हजरत शाह सूफी रहमतुउल्ला अलैह के 796 वे उर्स का समापन सोमवार को कुलशरीफ की रस्म के साथ हो गया। आखिरी दिन मजार-ए-मुबारक की जियारत करने वालों की भारी भीड़ रही।
रविवार की शाम को दरगाह पर सूफियाना कव्वाली की महफिल सजाई गई। कव्वालों के हजरत शाह सूफी की शान में सूफियाना कलाम पेश किया। सोमवार को उर्स आखिरी दिन होने की वजह से अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ पड़ा। सुबह कुल की रस्म अदा की गई। साथ ही सरकारी चादर पेश की गई। लोगों ने दरबार में हाजिरी लगाने के बाद जमकर खरीदारी भी की। सुरक्षा व्यवस्था के लिए दरगाह शरीफ के मुख्य गेट से लेकर मेला प्रांगण में पुलिस फोर्स व पीएसी के तैनात रहे। इसी के साथ एसडीएम सदर रवींद्र मादंड, सीओ सदर के साथ तहसीलदार सदर जीत सिंह राय अपने अधीनस्थों के साथ मौजूद रहे। सुबह से शाम तक लंगर तकसीम किया गया।
आसफाबाद फाटक, चंद्रवार गेट पर रहा जाम
उर्स के दौरान आसफाबाद फाटक व चंद्रवार गेट पर जाम की स्थिति बनी रही। टेंपो व टाटा मैजिक के फंसने से देर तक जाम लगा रहा। आसफाबाद रेलवे क्रासिंग पर बाहर से आने वाली बसों के कारण ही जाम लगा रहा।
खाकसारों ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
दरगाह शरीफ की सुरक्षा व्यवस्था को खाकसारों ने संभाले रखी। खाकसार तहरीक अलहिंदी के हनीफ खाकसार व जहीर खाकसार के नेतृत्व में टीम सक्रिय रही। खाकसार दरगाह शरीफ पर आने वाले जायरीन को आने वाली परेशानियों को दूर करते नजर आए।
ऑटो चालकों ने मनमाना किराया वसूला
उर्स में शामिल होने को दूरदराज क्षेत्रों से आए। इसका फायदा टेंपो चालकों ने उठाया। पांच रुपये की बजाय दस से 15 रुपया तक वसूले।